बांग्लादेश राइफल्स की गोलीबारी के बाद सीमा पर तनाव (लीड-1)
बीएसएफ अधिकारियों की ओर से इस बारे में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। गोलीबारी में एक महिला घायल हो गई।
बीएसएफ के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, "हमने कोई जवाबी हमला नहीं किया है, क्योंकि पिछली बार उन्होंने हम पर गोलीबारी के लिए विवश करने का आरोप लगाया था, जबकि हमने इससे इंकार किया था।"
अधिकारी ने कहा, "इसका यह मतलब नहीं कि हम चुप बैठेंगे। अभी हम अपनी सीमा की सुरक्षा का दायित्व निभा रहे हैं, उसके बाद हालात देखकर कार्रवाई करेंगे।"
उन्होंने बताया कि नलजुरी व मुक्तापुर गांवों के बीच अमदोह में सारी नोंगलामिल नाम की एक महिला शिक्षक के दाहिने पैर में गोली लगी।
जैंतिया हिल्स जिले के मुक्तापुर गांव में सुबह करीब 9.30 बजे गोलीबारी शुरू हुई जो 11 बजे तक चली। इसके बाद नलजुरी, जालियाखोला, लांगटिला और रोंगटिला क्षेत्रों में लगातार गोलीबारी की गई जो कई घंटों तक चली। ये इलाके मेघालय की जैंतिया पहाड़ियों से सटे हुए हैं।
मुक्तापुर गांव के प्रधान मनोज मनार ने आईएएनएस को बताया, "बीडीआर के जवान हमें भयभीत करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि हम अपनी भूमि पर खेती न करें।"
मनार ने कहा, "यहां का माहौल बहुत तनावपूर्ण है। कई लोग खासकर महिलाएं व बच्चे सुरक्षित स्थानों की ओर कूच कर गए हैं।"
उल्लेखनीय है कि मुक्तापुर, जलाईखोला और नलजुरी पीरडिवाह गांव से 20 किलोमीटर के इर्द-गिर्द हैं। वर्ष 2001 में बीडीआर ने कई दिनों तक इन पर कब्जा कर लिया था और दावा किया था कि यह बांग्लादेश का हिस्सा है। इस दावे को लेकर आए दिन यहां दोनों देशों के सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी होती रहती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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