सगोत्र विवाह पर याचिकाकर्ता को उच्च न्यायालय भेजा
याचिकाकर्ता ने न्यायालय से केंद्र सरकार को समान गोत्र में होने वाली शादियों को हिंदू विवाह अधिनियम के तहत निषिद्ध मानने का निर्देश देने की मांग की थी।
न्यायमूर्ति दीपक वर्मा और न्यायमूर्ति के. एस. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ के वकील के. टी. एस. तुलसी से कहा कि इस संबंध में जनहित याचिका दायर करने वाले नरेश कादयान को इस मामले में उच्च न्यायालय का रुख करने को कहा जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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