भारत के साथ भागीदारी बढ़ाने का इच्छुक है सीरिया
नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। सीरिया ने भारतीय कंपनियों को विशेषकर ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों को अपने यहां संयुक्त उद्यम लगाने और रणनीतिक भागीदारियां करने के लिए आमंत्रित किया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के प्रयासों पर सहमति कायम हुई है।
गत 10 जून को सीरिया की राजधानी दमिश्क में भारत-सीरिया संयुक्त आयोग की बैठक के दूसरे सत्र की सह-अध्यक्षता करने वाले वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि भारत और सीरिया में आपसी दोतरफा व्यापार अपनी क्षमता के अनुरूप बढ़ाने के लिए सम्मिलित प्रयास किए जाने पर सहमति बनी।
यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार दोनों देशों ने व्यापक सुगम बनाने संबंधी एक समझौता ज्ञापन पर भी दस्तखत किए। इसके अलावा वीजा संबंधी जरूरतों में छूट दिए जाने संबंधी समझौता भी किया गया।
शर्मा ने कहा कि दोनों देशों के ज्यादातर बहुपक्षीय मसलों पर समान विचार हैं और आपसी हित के सभी मसलों पर सहयोग की भारत की इच्छा व्यक्त की।
दोनों पक्षों में तेल एवं प्राकृतिक गैस, सूचना प्रौद्योगिकी, फॉसफोरस ऊर्वरक, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल्स, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, कृषि मशीनरी और नौवहन परिवहन में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
सीरियाई संवाद एजेंसी एसएएनए के अनुसार, शर्मा ने कहा कि भारत, सीरिया के आर्थिक सुधार कार्यक्रम में रुचि ले रहा है। उन्हें उम्मीद जताई कि दोतरफा व्यापार बढ़कर एक अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। इस समय दोनों देशों में 42 करोड़ डॉलर का व्यापार होता है।
सीरिया की व्यापार मंत्री लामिया आसी ने भारतीय व्यापारियों को बिजली, तेल एवं गैस, ऑटोमोबाइल्स और सूचना प्रौद्योगिकी सहित सभी क्षेत्रों में संयुक्त उद्यम लगाने के लिए आमंत्रित किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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