गर्भवती महिलाओं के लिए 1.5 अरब डॉलर की मदद
मिलिंडा गेट्स ने अपने बयान में कहा, "विश्व के सभी देशों को महिलाओं और बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए आगे आना चाहिए।"
महिला प्रसव विषय पर वाशिंगटन में आयोजित सम्मेलन में मिलिंडा गेट्स संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के साथ मौजूद थीं। सम्मेलन में करीब 3,000 लोग शामिल हुए थे।
इस अवसर पर फाउंडेशन की संयुक्त अध्यक्ष गेट्स ने कहा कि गरीब देशों में गर्भवती महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में मृत्यु चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि देखरेख के अभाव और अशिक्षा इसका एक प्रमुख कारण है। बुनियादी सुविधाओं में बढ़ोतरी और महिलाओं को शिक्षित बनाकर मातृ-मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है।
गेट्स ने कहा कि जिन देशों ने महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रमुखता से ध्यान दिया है। उन देशों के परिणाम बेहतर रहे हैं।
उन्होंने हेल्थ मेट्रिक्स एण्ड इवोल्यूशन इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए अध्ययन का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 30 साल में गर्भावस्था संबंधी समस्याओं के कारण महिलाओं की मृत्यु दर में 35 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है। हालांकि इस अध्ययन में बताया गया है कि 2008 में तीन लाख 43 हजार गर्भवती महिलाओं की मृत्यु हुई जबकि 1980 में यह संख्या 5 लाख प्रतिवर्ष थी। रिपोर्ट में कहा गया कि कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में भी कमी आई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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