राठौड़ की जमानत याचिका पर आज भी नहीं हुआ फैसला
चण्डीगढ़। रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हरियाणा के पूर्व पुलिस प्रमुख एसपीएस राठौड़ की जमानत याचिका पर गुरुवार को एक बार फिर फैसला टाल दिया। इस पर फैसला अब शुक्रवार को होने की संभावना है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने 25 मई को रुचिका गिरहोत्रा मामले में राठौड़ को दोषी करार देते हुए 18 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके फौरन बाद राठौड़ को बुडै़ल जेल भेज गया था। राठौड़ की पत्नी एवं वकील आभा ने 26 मई को उच्च न्यायालय में जमानत व पुनर्विचार याचिका दायर की थी।
इस मामले से संबंधित सभी दस्तावेज बुधवार को जुटा लिए गए थे और उच्च न्यायलय की अवकाश कालीन पीठ के न्यायाधीश अजय तिवारी ने फैसला गुरुवार के लिए सुरक्षित रख लिया था। हालांकि शिकायतकर्ता मधु प्रकाश ने कहा, "न्यायाधीश यदि समय ले रहे हैं तो यह कोई गलत नहीं है। हमारा पक्ष मजबूत है और हमें उम्मीद है कि अंतिम फैसला हमारे पक्ष में ही होगा।"
पेशे से वकील बेटी प्रियांजलि के साथ मौजूद आभा ने कहा, "इस मामले में ऐसे कई सबूत मौजूद हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया गया है। उस समय आराधना 15 साल की थी। अब वह एक चतुर युवती है जो ऑस्ट्रेलिया में रहती है, वह यहां आकर प्रेस कांफ्रेंस करती है। वह राठौड़ पर हमला करने वाले उत्सव शर्मा से भी मिली थी।" उन्होंने कहा, "शिकायत करने वाला यह परिवार (आनंद प्रकाश और मधु प्रकाश) ऐसा नहीं है जैसा वे खुद को दिखा रहे हैं।"













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