रॉकेटों का निशाना बनी जिरगा में भारतीय राजदूत भी थे
नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में भारत के राजदूत जयंत प्रसाद भी बुधवार को काबुल में हो रही शांति सभा या जिरगा में मौजूद थे, जिसके आयोजन स्थल के समीप तालिबानी आतंकवादियों ने रॉकेटों से हमला किया।
भारतीय दूतावास के एक अधिकारी ने आईएएनएस को फोन पर बताया, "जिरगा में सारी राजनयिक बिरादरी के साथ भारतीय राजदूत और दूतावास के एक अधिकारी भी मौजूद थे।"
उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने करीबी इंटरकांटीनेंटल होटल के समीप रॉकेट हमले की परवाह न करते हुए भाषण जारी रखा।
उद्घाटन समारोह समाप्त होते ही भारतीय राजदूत भी अन्य अतिथियों के साथ वहां से चले आए।
इस जिरगा में कबायली मुखिया, सांसद, सामाजिक राजनीतिक हस्तियां और सरकारी अधिकारियों सहित करीब 1600 लोग तालिबान के साथ सुलह के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर चर्चा के लिए एकत्र हुए।
यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय राजदूत आतंकवादी हमले के बहुत करीब थे। इससे पहले सात जुलाई 2008 को भारतीय दूतावास पर हुए आत्मघाती हमले के दौरान वह परिसर में मौजूद थे। इस हमले में 58 लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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