भारत को सी-17 विमानों की बिक्री की मंजूरी

गुलशन आर. लूथरा

लास एंजेलिस/नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी कांग्रेस ने भारत को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सी-17 ग्लोबमास्टर थ्री लड़ाकू विमानों की बिक्री को मंजूरी दे दी है।

ओबामा प्रशासन ने 23 अप्रैल को कांग्रेस में भारत को 10 लड़ाकू विमानों की बिक्री का प्रस्ताव स्वीकृति हेतु भेजा था।

प्रस्ताव पर अमेरिकी कांग्रेस की यह स्वीकृति वाशिंगटन में शुरू हो रही भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता से पहले दी है।

भारत को लड़ाकू विमानों की यह बिक्री अमेरिकी सरकार के विदेशी सैन्य विक्रय कार्यक्रम (एफएमएस) के अंतर्गत 5.8 अरब डॉलर की कीमत में की जाएगी। इस कीमत में समय पर आपूर्ति की गारंटी के लिए 3.8 प्रतिशत प्रशासकीय खर्च भी शामिल है।

सरकार से सरकार के बीच होने जा रहा यह सौदा कीमतों के आधार पर भले ही सस्ता हो लेकिन इसमें भ्रष्टाचार की आशंका नहीं है।

देश की रणनीतिक क्षेत्र की एक पत्रिका के मुताबिक हाल ही में भारत और रूस के बीच हुए समझौते के बाद गोर्शकोव की आपूर्ति चार दिसंबर 2012 तक नौसेना दिवस से पहले हो जाने के आसार हैं।

दोनों देशों के बीच 2004 में हुए गोर्शकोव समझौते की समीक्षा के दौरान रूस ने गोर्शकोव का निर्माण कार्य प्रभावित नहीं होने दिया था।

यदि भारत इससे जुड़ी सभी सेवाओं को सौदे में शामिल नहीं करता तो सी-17 की कीमत भारत के लिए मौजूदा कीमत से कम हो सकती थी, तब सौदे की वास्तविक कीमत पर ही 3.8 प्रतिशत का प्रशासकीय शुल्क देना पड़ता। कई देशों में इस तरह के सौदों के लिए प्रशासकीय शुल्क की दर 18 प्रतिशत के करीब है।

भारत और अमेरिका के बीच एक औपचारिक समझौता होने के बाद पहले सी-17 विमान की आपूर्ति में करीब तीन साल का समय लगेगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+