भारत-अमेरिका सामरिक वार्ता में शामिल होंगे व्यापक मसले
वाशिंगटन, 1 जून (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका बुधवार को पहली सामरिक वार्ता आरंभ करेंगे। इस द्विपक्षीय वार्ता में ऊर्जा, कृषि, विज्ञान, शिक्षा के अलावा रक्षा एवं आतंकवाद से निपटने के मसले पर प्रमुख रूप से चर्चा की जाएगी।
विदेश मंत्री एस. एम कृष्णा भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे जबकि अमेरिका की ओर से बातचीत की अगुवाई विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन करेंगी। कृष्णा बुधवार को ही अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबी) को संबोधित करेंगे।
कृष्णा के साथ इस वार्ता के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल में मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल, योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, विदेश सचिव निरूपमा राव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे।
राष्ट्रपति बराक ओबामा गुरुवार को कृष्णा के सम्मान समारोह में शिरकत करेंगे। इस समारोह का आयोजन हिलेरी क्लिंटन कर रही है। अमेरिका के दक्षिण एशियाई मामले के विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लेक ने कहा, "ओबामा प्रशासन भारत के साथ संबंधों को बहुत महत्व देता है।"
ब्लेक ने इस बात से इंकार किया कि अमेरिका और भारत के संबंधों में इन दिनों पहले जैसी सरगरमी नहीं है क्योंकि ओबामा अपना पूरा ध्यान पाकिस्तान और अफगानिस्तान की ओर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा खुद कह चुके हैं कि भारत के साथ संबंध 21वीं सदी की एक निर्णायक साझेदारी है।"
उधर, भारतीय विदेश सचिव निरुपमा राव अमेरिका के राजनीतिक मामलों के सहायक विदेश मंत्री बिल बंर्स से मुलाकात करेंगी। यह मुलाकात यहां के विदेश विभाग कार्यालय में होगी। इस दौरान दोनों कृष्णा-क्लिंटन वार्ता से पहले बातचीत का एक खाका तैयार करेंगे।
राव मंगलवार को अमेरिका के सहायक उद्योग एवं सुरक्षा मंत्री एरिक हिर्सकॉर्न से भी मिलेंगी। इस दौरान निर्यात में उदारीकरण और ऊच्च प्रौद्योगिकी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
इस बीच केंद्रीय मानव संसाधान विकास मंत्री कपिल सिब्बल अमेरिकी शिक्षा मंत्री आर्ने डंकन से मिलेंगे। इसके अलावा सिब्बल यूएसआईबीसी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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