सरकार और एनएससीएन-आईएम के बीच वार्ता मंगलवार को
दीमापुर (नागालैंड), 31 मई (आईएएनएस)। सरकार और राज्य के अलगाववादी संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड के इसाक-मुइवा गुट (एनएससीएन-आईएम) के बीच मंगलवार को नए सिरे से वार्ता शुरू होगी। यह बातचीत पिछले छह दशक से राज्य में चल रहे उग्रवाद को समाप्त करने के उद्देश्य से की जाएगी।
केंद्र सरकार के मुख्य शांति वर्ताकार आर. एस. पाण्डेय एनएससीएन-आईएम के नेताओं से कोहिमा में मिलेंगे। वर्ष 1997 में दोनों पक्षों के बीच हुए युद्धविराम के बाद पहली बार यह वार्ता आयोजित की जा रही है।
पाण्डेय ने आईएएनएस को बताया, "वार्ता के दौरान व्यापक मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। हम बातचीत के एजेंडे का खुलासा नहीं कर सकते।"
एनएससीएन-आइएम की तरफ से संगठन के महासचिव टी. मुइवा इस बातचीत का नेतृत्व करेंगे जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय और खुफिया विभाग के अधिकारियों के भी इस वार्ता में शामिल होने की संभावना है।
गौरतलब है कि दक्षिण एशिया के सबसे लंबे उग्रवाद को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार और एनएससीएन-आईएम के बीच पिछले 13 वर्षो के दौरान अब तक 55 दौर की शांति वार्ता हो चुकी है। उग्रवादी घटनाओं में वर्ष 1947 से अब तक 25,000 लोग मारे जा चुके हैं।
एनएससीएन-आईएम की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है, "नागालैंड, पूर्वी नागालैंड (म्यांमार) और मणिपुर, असम तथा अरुणाचल प्रदेश में रह रहे नागाओं के किसी भी मुद्दे को बातचीत से अलग रखा जाना चाहिए। मंगलवार की बैठक को भारत सरकार और नागाओं के बीच किसी भी राजनीतिक वार्ता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह वार्ता एक व्यक्ति उसके पैतृक गांव जाने जैसे स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित होगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications