तेलंगाना में बंद से जन-जीवन प्रभावित
कई इलाकों में भीड़ द्वारा वाहनों पर किए गए हमलों के बाद सरकारी बस सेवाएं रोक दी गईं जिससे सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि तेलंगाना क्षेत्र में सुबह हिंसा की छिटपुट घटनाओं में कम से कम छह निजी बसों और राज्य के सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) की एक बस को आग के हवाले कर दिया गया जबकि एक दर्जन से अधिक बसों में तोड़-फोड़ की गई।
कई इलाकों में बसों पर भीड़ के हमले और प्रदर्शनकारियों के बस डिपो के बाहर प्रदर्शन करने व सड़कें जाम करने के बाद आरटीसी ने तेलंगाना के नौ जिलों में अपनी सेवाएं रोक दीं।
प्रत्येक जिले में 600 से 900 बस सेवाएं रद्द होने के बाद सैकड़ों यात्रियों को काफी परेशानी हुई। हैदराबाद और विजयवाड़ा के बीच चलने वाली आरटीसी की 180 बसों के न चलने से यात्रियों को असुविधा हुई।
वारांगल, करीमनगर, निजामाबाद, आदिलाबाद, खम्माम, महबूबनगर, नलगोंडा और मेडक जिले में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बंद का हैदराबाद में कोई असर नहीं दिखा, यहां दुकानें खुली रहीं और बसें अपने निर्धारित समय पर चलती रहीं।
वारांगल के महबूबाबाद शहर में छात्रों पर गोलाबारी के विरोध में संयुक्त कार्रवाई समिति, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और अन्य तेलंगाना समर्थक समूहों ने इस बंद का आह्वान किया था।
सांसद वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी की तेलंगाना यात्रा का विरोध कर रही भीड़ पर कांग्रेस विधायक कोंडा सुरेखा और एम. कविता के सुरक्षाकर्मियों के गोली चलाने से नौ लोग घायल हो गए थे। वारांगल में पूरी तरह बंद की स्थिति थी।













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