कश्मीर घाटी में खतरे के निशान पर झेलम
स्थानीय मौसम विभाग अधिकारी ने बताया, "पिछले 24 घंटों के दौरान श्रीनगर में 57 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यद्यपि बारिश ने पिछला रिकॉर्ड वर्ष 1987 में बनाया था उस समय घंटे में 66 मीलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।" लगातार हो रही बारिश के परिणामस्वरुप घाटी की विभिन्न नदियां पानी से भर गई हैं।
आईएमडी के मुताबिक जम्मू एवं कश्मीर के उपर पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय है। हालांकि विक्षोभ कमजोर पड़ चुका है। अगले 24 घंटों के दौरान घाटी के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। रविवार को स्थिति में बदलाव आने के सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं।
बाढ़ विभाग के इजीनियर मीर नजीबुल्लाह ने बताया कि पूरे घाटी में बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी गई है। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होने बताया "किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। बड़ी नदियों के निकट रह रहे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।"













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