राष्ट्रीय जल अभियान को हरी झंडी
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में पानी से संबंधित सभी आंकड़े जुटाए जाने के उपायों पर चर्चा की गई, ताकि जल संरक्षण व जल वृद्धि पर केंद्रित कार्रवाई के लिए नागरिकों, स्थानीय व राज्य सरकारों को प्रेरित किया जा सके।
वाटर-पॉजिटिव और वाटर-न्यूट्रल प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देकर 20 प्रतिशत तक जल की कमी को पूरा करने का निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि जल के सदुपयोग और उसे बचाने के लिए लोगों में जागरूकता लाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जल अभियान की गतिविधियों में स्थानीय व राज्य स्तर के राजनीतिक नेतृत्व एवं सामाजिक संगठनों को शामिल किए जाने की जरूरत है। इसके साथ ही बेसिन विकास योजना पर आधारित एक एकीकृत दृष्टि विकसित की जानी चाहिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि विभिन्न स्तर पर राजनीतिक नेतृत्व को शामिल किए जाने की दिशा में पहला कदम यह होगा कि सार्वजनिक क्षेत्र में पानी का एक व्यापक डाटा बेस तैयार किया जाए और पानी पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का आकलन किया जाए।













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