नेपाली संसद के बाहर बम विस्फोट (लीड-1)
काठमांडू, 28 मई (आईएएनएस)। नेपाल में शुक्रवार की देर रात संविधान सभा का कार्यकाल समाप्त होने और नेपाल में संवैधानिक संकट पैदा होने के संभावित खतरे के चंद घंटे पहले ही संसद के बाहर एक बम विस्फोट हुआ। हालांकि विस्फोट में कोई हताहत नहीं हुआ है।
पुलिस ने कहा है कि वह इंटरनेशनल कनवेंशन सेंटर के मुख्य द्वार के पास हुए विस्फोट की जांच कर रही है। यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ है, जब नेपाल के 601 सांसदों में से मंत्रियों सहित अधिकांश सांसद देर रात्रि आयोजित संसद सत्र के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं। इस सत्र के जरिए या तो संसद को अभयदान दिया जाएगा या फिर आधी रात को इसे भंग कर दिया जाएगा।
यह स्थिति ठीक दो वर्ष पहले पैदा हुए हालात को दोहरा रही है। उस समय भी नवनिर्वाचित संविधानसभा यानी नेपाल की अंतरिम संसद का मध्यरात्रि को सत्र आयोजित किया गया था और उसके तहत दुनिया के एक मात्र हिंदू राष्ट्र में राजतंत्र को समाप्त कर दिया गया था।
शुक्रवार को देर शाम संसद में भ्रम की स्थिति बनी रही और उम्मीद की किरणें तेजी के साथ लुप्त होती गईं, क्योंकि सत्ताधारी पार्टियों व विपक्षी माओवादियों के बीच अभी भी गतिरोध बरकरार रहा, जबकि संकट मात्र कुछ ही घंटे दूर रह गया था।
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक माधव कुमार नेपाल ने अपने एक साल के कार्यकाल के दौरान 28 मई तक की निर्धारित समय सीमा में नया संविधान न बना पाने पर खेद व्यक्त करते हुए इसके लिए विपक्षी माओवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने कहा कि माओवादी पार्टी के सत्ता के लालच के चलते संविधान निर्माण की प्रक्रिया बाधित हुई।
नेपाल के इस्तीफा देने के लिए राजी हो जाने के बाद संविधान सभा को नया जीवन मिलेगा और शुक्रवार की आधी रात से शुरू हुए संकट को दूर करने में मदद मिलेगी। संविधान सभा अंतरिम संसद के रूप में काम करती है।
नेपाल के इस्तीफे के बाद नई राष्ट्रीय सरकार के नेतृत्व को लेकर एक नई दौड़ भी शुरू होने की संभावना है। संसद में सबसे बड़ा दल होने के नाते माआोवादी नई सरकार का नेतृत्व अपने हाथ में रखना चाहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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