हिमाचल में करदाता पहचान संख्या सुविधा का शुभारंभ
शिमला, 29 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शनिवार को यहां हिमाचल प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम और केन्द्रीय बिक्री कर अधिनियम के तहत राज्य में पंजीकृत डीलरों के लिए करदाता पहचान संख्या सुविधा (टिन) का शुभारम्भ किया।
धूमल ने इस अवसर पर कहा कि करदाता पहचान संख्या व्यापारियों के लिए विशेष लाभदायक सिद्घ होगी, क्योंकि यह उनके कर से सम्बन्धित सभी मामलों में उपयोगी होगी और इसके जारी होने से राज्य के डीलरों की लम्बे समय से चली आ रही एक मांग पूरी हो गई है।
उन्होंने कहा कि टिन एक विशिष्ट संख्या है, जिसमें स्थाई लेखा संख्या अर्थात पैन की तरह 11 अंकों की संख्या प्रयोग में लाई जाती है। उन्होंने कहा कि टिन के माध्यम से डीलरों को एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी, जिसके माध्यम से वे बैरियरों एवं अन्य स्थलों पर आसानी से पहचाने जायेंगे।
उन्होंने कर संग्रहण सुविधाओं को हाईटैक बनाने के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि टिन संख्या के मिलने के बाद व्यापारी अन्य राज्यों से हिमाचल प्रदेश में अपना सामान आसानी से ला सकेंगे, क्योंकि कई अन्य राज्यों में टिन संख्या का होना अनिवार्य है।
टिन संख्या के माध्यम से डीलरों के डाटा को अपडेट करने में सहायता मिलेगी, जिससे अगले वर्ष से प्रस्तावित सामान्य बिक्री कर के लागू होने के बाद सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि देश भर में लागू प्रणाली के तहत टिन संख्या का होना अनिवार्य है। सभी पंजीकृत डीलरों को 30 जून, 2010 तक टिन संख्या जारी कर दी जाएगी।
प्रो़ धूमल ने कहा कि टिन संख्या और पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करने के लिए ऑन लाइन साफटवेयर का निर्माण प्रदेश के आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा किया गया है और इसके माध्यम से डीलरों के पंजीकरण की जानकारी आबाकरी एवं कराधान आयुक्त एवं सचिव आबाकरी एवं कराधान को भी ऑन लाइन प्राप्त हो जाएगी।
उन्होंने व्यापारी संघों और डीलरों से आग्रह किया कि वे आबकरी एवं कराधान विभाग को अपने बारे में सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवायें ताकि उन्हें 30 जून, 2010 से पूर्व टिन संख्या जारी की जा सके।
इंडो-एश्यिन न्यूज सर्विस।












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