हिमाचल में न्यायिक अधोसंरचना पर खर्च होंगे 106 करोड़ रुपये
यह जानकारी मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने आज यहां पीटरहॉफ में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायलय के रूबी समारोह की कड़ी में आयोजित किए जा रहे 'सम्मान समारोह' को संबोधित करते हुए दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका का सम्मान राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है और यह प्रयास किया जा रहा है कि न्यायपालिका प्रदेश में पूर्ण रूप से स्वतंत्र एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में कार्य कर सके।
उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में न्यायिक अधोसंरचना सृजन के लिए योजन तथा गैर-योजना प्रावधानों में 106़ 25 करोड़ रुपये का प्रावधान कियाग या है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने न्यायधीश पद्मनाभन समिति की संस्तुतियों को भी स्वीकार कर लिया है और अधीनस्थ न्यायिक अधिकारियों को भी संशोधित वेतनमान दिए जा रहे हैं।
प्रो़ धूमल ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को प्रत्येक क्षेत्र में एक हरित राज्य बनाने के प्रति वचनबद्घ है और हरे पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, अवैध कटान तथा लकड़ी की तस्करी को रोकने के लिए वन पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के 'ग्रीन बैंच' स्थापित करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे राज्य सरकार के पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बल मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वैश्विक उष्मीकरण, मौसम में पर्वितन और पर्यावरण में आ रहे बदलावों के कारण प्राणियों को खतरा हो गया है। शताब्दियों पुराने ग्लेशियर बड़ी तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे पानी की कमी का खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि पारम्परिक जल स्रोत सूखे तो इससे पृथ्वी पर जीवन खतरे में पड़ जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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