नेपाल में संकट टला, पर अव्यवस्था जारी
काठमांडू, 29 मई (आईएएनएस)। नेपाल में शुक्रवार देर रात अभूतपूर्व संवैधानिक संकट तो टल गया लेकिन यहां जनाक्रोश और दुविधापूर्ण स्थिति अब तक बनी हुई है।
नए संविधान की रचना करने दायित्व निभा रही अंतरिम संसद पर छाए खतरे शुक्रवार आधी रात को उस समय छंट गए जब विपक्षी माओवादी पार्टी सरकार को राहत पहुंचाने और सदन को कुछ और समय देने पर सहमत हो गई।
अब नेपाल के 601 सांसदों को 27 मई 2011 तक नए संविधान का निर्माण करने का दूसरा मौका उपलब्ध कराया गया है। वैसे सदन के पिछले इतिहास पर नजर दौड़ाएं तो निर्धारित अवधि में इस कार्य को पूरा कर पाना संदेहास्पद लगता है।
सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल सदभावना पार्टी के सांसद अनिल कुमार झा का कहना है, "अपनी पार्टी के आदेश को मानते हुए मैंने अंतरिम संसद के कार्यकाल में वृद्धि किए जाने के पक्ष में मत दिया है। हालांकि मुझे नहीं लगता कि नया संविधान एक बरस में पूरा हो सकेगा।"
माओवादी पार्टी के नेता पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने काठमांडू में जनसभा में कहा, "सत्तारूढ़ पार्टियां नया संविधान नहीं चाहतीं। उन्हें अगर चार साल और भी दे दिए जाएं तो भी वे नया संविधान नहीं तैयार कर सकतीं।"
संसद के कार्यकाल को बढ़ाए जाने का प्रबल विरोध करने वाले माओवादियों ने हालांकि की सदन के कार्यकाल की अवधि समाप्त होने का समय आने से ऐन पहले उसे एक साल बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इस प्रस्ताव को 585 सदस्यीय संसद के 580 सदस्यों ने मंजूरी दी। दक्षिणी नेपाल के तराई क्षेत्र के एक सांसद और नेपाल की इकलौती शाही पार्टी के चार सदस्यों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।
इस घटनाक्रम के मद्देनजर अब प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल अपने पद से हट सकते हैं हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वह यह कदम कब उठाएंगे। माओवादियों का दावा है कि नेपाल पांच दिन में पद से हट सकते हैं ताकि नई सरकार का गठन हो सके। नई सरकार में उनका भी प्रतिनिधित्व होगा।
इस बदलाव में सुगम तरीके से संपन्न होने के आसार नहीं हैं। शुक्रवार को भी नेपाल ने यह कहकर पद से हटने से इंकार कर दिया था कि 25 में से 22 दलों का समर्थन उन्हें प्राप्त है।
शुक्रवार आधी रात को हुए इस घटनाक्रम से देश की तीन बढ़ी पार्टियों के शीर्ष नेताओं की छवि जनता में धमिल हुई है। ऐन मौके पर राजनीतिक दलों में बनी सहमति को संदेहास्पद माना जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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