नेपाल में जिंदल की पनबिजली परियोजना को मंजूरी
जिंदल को दूरवर्ती बाझंग जिले में 454 मेगावाट की चानीपुर परियोजना को विकसित करने का लाइसेंस मिला है। इसके साथ ही जिंदल ने अपर करनाली परियोजना के खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। जिंदल स्टील एवं पॉवर लिमिटेड की सहयोगी इकाई जिंदल पॉवर लिमिटेड को पहला सर्वे पूरा करने के लिए दो वर्षो का लाइसेंस दिया गया है। इस परियोजना पर लगभग 24 अरब रुपये (नेपाली) की लागत आने की संभावना है और यह सात वर्षो में पूरी हो सकती है।
अतीत में जीएमआर के प्रवेश के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सतलज जल विद्युत निगम ने 402 मेगावाट की अरुण तीन परियोजना का ठेका झपट लिया था।
जीएमआर द्वारा नेपाल में घुसपैठ के बाद भारत में नेपाल को लेकर रुचि बढ़ गई है। दक्षिण भारत के कई निवेशक नेपाल में निवेश करने को तैयार हो गए हैं। हैदराबाद की पीईएस इनर्जी लिमिटेड ने भी 210 मेगावाट फुलकोट करनाली परियोजना के साथ नेपाल के पनबिजली क्षेत्र में घुसपैठ कर ली है। यह परियोजना दूरवर्ती कालीकोट जिले में स्थित है। हैदराबाद की ही नंदा देवी एग्रो फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड ने भी 350 मेगावाट की दूधकोसी परियोजना को हथिया लिया है। यह परियोजना उत्तरी सोलुखुम्बू जिले में स्थित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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