निवेदिता का अगला मिशन माउंट एवरेस्ट
नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की महिला अधिकारी निवेदिता चौधरी का कहना है कि हिमालय की ऊंची चोटियों में से एक माउंट कामत पर चढ़ाई के दौरान खराब मौसम ने उनके धर्य और साहस की कड़ी परीक्षा ली थी। इन सब से परे इस वायुसेना अधिकारी का अगला मिशन माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह करना है।
चौधरी ने बताया कि 'एवरेस्ट पर चढ़ाई के सबसे कठिन समय' उन्होंने अपनी मां को याद किया था। उनकी मां ने उन्हें इस चढ़ाई पर न जाने की सलाह दी थी जिसे निवेदिता ने अनसुना कर दिया था।
निवेदिता भारतीय सशस्त्र सेना की ओर से 7,557 मीटर ऊंची कामत चोटी पर पहुंचने वाली पहली महिला अधिकारी हैं।
माउंट कामत चोटी पर चढ़ाई के दौरान सामने आए उस कठिन पल के समय भगवान को याद करते हुए वायुसेना अधिकारी निवेदिता ने बताया, "मैंने उस कठिन समय में भगवान से प्रार्थना किया कि मैं अपनी मां को देखने से पहले मरना नहीं चाहती हूं।" बहादुरी की मिसाल इस महिला अधिकारी का अगला मिशन माउंट एवरेस्ट चोटी फतह करना है।
गौरतलब है कि माउंट कामत चोटी, कंचनजंघा और नंदा देवी के बाद भारत की तीसरी सबसे ऊंची चोटी है।
निवेदिता चौधरी भारतीय वायुसेना के पर्वतारोही दल की उन 20 सदस्यों में शामिल हैं जो 8,848 मीटर उंची माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए मानसिक और शारीरिक प्रशिक्षण ले रही हैं। उम्मीद की जा रही है कि वायुसेना के महिला अधिकारियों का यह पर्वतारोही दल वर्ष 2011 के मध्य में एवरेस्ट की चढ़ाई शुरू करेगा।
उल्लेखनीय है कि इस टीम ने लेह स्थित माउंट स्टोक कांगरी और उत्तराखण्ड के गढ़वाल में स्थित माउंट अबी गामी और माउंट कामत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर चुकी है।
निवेदिता इस समय आगरा में तैनात हैं। वह एक सम्मान समारोह में हिस्सा लेने नई दिल्ली आई थी। निवेदिता ने बताया पर्वतों की चढ़ाई करने की अनुमति दते समय उनकी मां बहुत डरी हुई थी।
निवेदिता ने बताया, "मैं जानती हूं कि यह काफी कठिन था और इस दौरान उन्हें काफी मानसिक और शारीरिक चुनौतियों को गुजरना पड़ेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications