एनटीआर के बेटे-नाती तेदेपा के सम्मेलन में पहुंचे
बालाकृष्ण ने इस अवसर पर यह जताने की कोशिश की कि एनटीआर का परिवार एकजुट है और राजनीतिक मतभिन्नता के बावजूद यह टूटेगी नहीं।
बालाकृष्ण के भाई और तेदेपा नेता एन. हरिकृष्ण ने इस मौके पर घोषणा की कि एनटीआर के वंशज कांग्रेस में राजनीतिक शरण लेने की अपेक्षा अपना बलिदान देना पसंद करेंगे।
बालाकृष्ण और उनके बेटे जूनियर एनटीआर ने वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में तेदेपा के लिए प्रचार किया था। सम्मेलन में वह तेदेपा अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू के साथ मंच पर विराजमान थे।
जूनियर एनटीआर ने उम्मीद जताई कि 2014 के विधानसभा चुनाव में तेदेपा वापस सत्ता में आएगी। "तेदेपा को सत्ता में लाने के लिए रक्त के आखिरी कतरे तक हम संघर्ष को तैयार हैं।"
बालाकृष्ण ने तो राज्य में मध्यावधि चुनाव तक की संभावना जताई और कहा, "मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं है। मेरी प्राथमिकता पार्टी को सत्ता में लानी है।"
उल्लेखनीय है कि बालाकृष्ण की बेटी की शादी नायडू के बेटे से हुई है। वह इन दिनों अपनी ताजातरीन फिल्म 'सिम्हा' की सफलता के लिए मंदिरों का रुख कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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