परमाणु सम्मेलन में नि:शस्त्रीकरण के उपायों को स्वीकृति
न्यूयार्क, 29 मई (आईएएनएस)। परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) समीक्षा सम्मेलन ने शुक्रवार को नि:शस्त्रीकरण के सिद्धांतों को बरकरार रखने वाले एक घोषणा पत्र को स्वीकृति दी और वर्ष 2012 में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का आह्वान किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य मध्य पूर्व को परमाणु हथियार मुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित करना होगा।
एनपीटी के 189 पक्षों ने अपने अंतिम घोषणा पत्र में उत्तर कोरिया से भी निपटने का निश्चय किया है। इसके साथ ही उत्तर कोरिया से कहा गया कि वह अपनी परमाणु संबंधी गतिविधियों पर पैदा हुए विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत करे।
सर्वसम्मति के साथ अपनाए गए 28 पृष्ठों वाले इस घोषणा पत्र के साथ ही तीन मई से शुरू हुई महीना भर पुरानी बहस का अंत हो गया। इस घोषणा पत्र में 22 सूत्रीय कार्य योजना शामिल है।
दुनिया भर में परमाणु हथियार मुक्त क्षेत्र और परमाणु नि:शस्त्रीकरण पर बातचीत एनपीटी का हिस्सा है। एनपीटी 1970 में प्रभावी हुई थी। लेकिन यह व्यवस्था दुनिया की पांच परमाणु शक्तियों को इस बात के लिए सहमत कर पाने में अब तक विफल रही है कि वे परमाणु हथियारों को पूर्ण रूप से समाप्त कर दें। ये पांच शक्तियां हैं-अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन और ब्रिटेन। ये शक्तियां अभी भी अन्य एनपीटी पक्षों द्वारा इस तरह की व्यवस्था थोपे जाने के दबाव का विरोध करती हैं।
एनपीटी सम्मेलन के अध्यक्ष, फिलीपीन्स के राजदूत, लिब्रान काबाक्टुलान ने कहा है कि नए घोषणा पत्र का मसौदा सभी पक्षों की मांगों को जाहिर करने के लिहाज से संतुलित है। उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र को स्वीकृति देने से सम्मेलन के दौरान रोपे गए आशा के सभी बीज फलदायी हो सकेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications