परमाणु दायित्व कानून में देरी से निराश नहीं अमेरिका

दक्षिण और मध्य एशियाई देशों के मामलों के सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ओ. ब्लैक ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं नहीं समझता कि इसमें बहुत देरी हो रही है।" पत्रकारों ने उनसे जानना चाहा था कि परमाणु दायित्व कानून में हो रही देरी के चलते क्या अमेरिका निराश तो नहीं है।

ब्लैक ने कहा, "भारत एक लोकतांत्रिक देश है और हमारी लोकतांत्रिक पद्धति के अनुसार ही वहां भी किसी विधेयक पर पहले कैबिनेट में चर्चा होती है और फिर संसदीय परम्पराओं के अनुकूल उस पर सहमति बनाई जाती है।"

उन्होंने कहा, "भोपाल गैस त्रासदी के चलते वहां इस मुद्दे पर गतिरोध है। लोगों की इस पर कड़ी नजर है और ऐसा होना भी चाहिए। इस मसले की समीक्षा होना लाजिमी है।"

उन्होंने कहा कि इसको संसद से पारित करवाना भारत सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी हाल ही में इस कानून को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई थी।

ब्लैक ने कहा, "यह प्राथमिकता इसलिए है कि क्योंकि इससे अमेरिका और अन्य देशों को परमाणु तकनीक प्राप्त होगी और भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के मद्देनजर उसकी ऊर्जा जरूरतें भी पूरी होंगी। इससे हमें भी मदद मिलेगी क्योंकि इससे हमारा निर्यात बढ़ेगा और अमेरिका में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।"

उन्होंने कहा, "दोनों देशों के लिए यह फायदे का सौदा है। हम इसमें हो रही देरी से निराश नहीं है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा इस संबंध में लिए जा रहे निर्णयों पर हमें पूरा विश्वास है।"

उन्होंने कहा, "यह कानून यदि पारित हो जाता है तो इसे बहुत महत्वपूर्ण कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा और इससे अमेरिकन रिएक्टरों के निर्यात और रोजगार निर्माण के रास्ते खुलेंगे।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+