रसोइया साथ ले गई हैं राष्ट्रपति
बीजिंग, 29 मई (आईएएनएस)। चीन के व्यंजनों में मांसाहार की प्रधानता है जबकि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील शाकाहारी भोजन करती हैं। इसीलिए इस छह दिन की चीन यात्रा में वह अपने साथ रसोइए को भी लाई हैं।
राष्ट्रपति के सम्मान में चीन के राष्ट्रपति हू जिन्ताओ ने ग्रेट हॉल ऑफ पीपुल में गुरुवार को आलीशान रात्रि भोज दिया था। जिसमें मांसाही व्यंजनों की जगह दूसरे व्यंजन परोसे गए। इनमें लौकी से बना एक विशेष व्यंजन भी शामिल था।
राष्ट्रपति बीजिंग के होटल रॉफेल्स के एक विशाल स्वीट में ठहरी हैं जिसमें एक रसोईघर भी है। राष्ट्रपति अपनी यात्रा के दौरान ल्यूलांग और शंघाई का भी दौरा करेंगी।
एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "वह सादा भोजन करती हैं। उन्हें दाल, चावल और एक सब्जी पसंद है। उनका रसोइया उनकी पसंद जानता है।"
राष्ट्रपति की जरूरतों का ख्याल उनके रसोइए लक्ष्मण राय और धीरज मणि रख रहे हैं। राष्ट्रपति की यात्रा में उनके पति देवीसिंह रामसिंह शेखावत, दामाद जयेश राठौड़ और नाती ध्रुवेश राठौड़ भी उनके साथ हैं।
चीन के शिष्टाचार के मुताबिक मेहमान परोसे गए किसी भी भोजन को चखने से इंकार नहीं कर सकता इसलिए चीन सरकार को राष्ट्रपति की पसंद पहले से ही बता दी गई थी। अधिकारी ने बताया, "रात्रिभोज में कोई भी मांसाहारी व्यंजन नहीं परोसा गया।"
उनकी इस यात्रा के सामान के साथ स्टील का एक बड़ा डिब्बा ले जाया गया है जिस पर अंग्रेजी के बड़े-बड़े अक्षरों में 'ग्रोसरी' लिखा है। एयर इंडिया के विशेष विमान पर सबसे पहले लादे गए सामान में यह डिब्बा शामिल था।
अधिकारी ने बताया, "हम यात्रा के लिए हरेक चीज लाए हुए हैं। हमें उनकी पसंद मालूम है इसलिए हमने सब कुछ पैक कर रखा है। हम सब कुछ बिल्कुल तैयार रखना चाहते हैं।"
चीन के रात्रिभोज में अमूमन 10 व्यंजन परोसे जाते हैं जिनमें पशुओं, मछलियों और पक्षियों से बने व्यंजन शामिल होते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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