चीन ने तिब्बत का मुद्दा उठाया
कविता बाजेली-दत्त
बीजिंग, 28 मई (आईएएनएस)। चीन ने शुक्रवार को भारतीय राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के साथ तिब्बत का मुद्दा उठाया और इस मुद्दे पर भारत से आश्वासन मांगा कि वह भारत में निर्वासित जीवन बिता रहे तिब्बतियों को चीन विरोधी गतिविधियों की इजाजत नहीं देगा।
भारतीय विदेश सचिव निरूपमा राव ने शुक्रवार को संवाददाताओं को यहां बताया कि वरिष्ठ चीनी नेता जिया क्विं गलिन ने पाटील के साथ अपनी बातचीत के दौरान तिब्बत का मुद्दा उठाया और भारत से आश्वासन मांगा।
राव ने कहा, "सभी मुद्दे उठाए गए और उन पर चर्चा की गई। चीन ने अधिक समझदारी का आग्रह किया। बातचीत के दौरान जिया ने तिब्बत मसले पर भारत का रुख जानना चाहा। उन्होंने इस मुद्दे पर भारत से आश्वासन मांगा कि भारतीय धरती पर चीन विरोधी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।"
राव ने कहा कि बीते कुछ दिनों के दौरान राष्ट्रपति पाटील के साथ चीनी नेताओं की बातचीत सकारात्मक रही।
राव ने कहा, "राष्ट्रपति ने सर्वोच्च स्तरीय बैठकें की और सभी बैठकें फलदायी और अर्थपूर्ण रहीं। दोनों पक्षों ने इच्छा जाहिर की कि भारत और चीन के बीच 60 वर्षो के कूटनीतिक संबंध दोनों के बीच रिश्ते को आगे बढ़ावा देने के लिए प्रस्थान बिंदु के रूप में होने चाहिए।"
एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार बातचीत के दौरान बीजिंग द्वारा तिब्बत का मुद्दा उठाया जाना कोई असामान्य बात नहीं थी।
सूत्र ने कहा, "भारत-चीन के बीच होने वाली बातचीत के दौरान तिब्बत का मसला हर बार उठाया जाता है। यह कोई असामान्य बात नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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