एमसीडी में फर्जी कर्मचारी घोटाले की जांच करेगी दिल्ली पुलिस
न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायाधीश मदन बी. लोकुर की खंडपीठ ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त से इस संबंध में लगाए गए आरोपों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। एमसीडी पर आरोप है कि वह लंबे समय से कई ऐसे लोगों को वेतन एवं भत्ते बांट रही है, जिनका कोई अता-पता नहीं है।
खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस को यह निर्देश दिया। यह याचिका जागरूक वेलफेयर सोसाइटी ने वकील सी. एस. पराशर के माध्यम से दाखिल किया था। सोसाइटी ने इस धांधली की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद एमसीडी ने पिछले वर्ष नवंबर में जानकारी दी थी कि उसके साथ कागजों में 22853 ऐसे कर्मचारी (माली तथा सफाईकर्मी) जुड़े हैं, जिनका कोई अता-पता नहीं है। उनके वेतन के लिए एमसीडी को हर महीने 17 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
उच्च न्ययालय ने मामले की विस्तृत तफ्शीश के लिए दिल्ली पुलिस को दो महीने का वक्त दिया है। इस मामले को लेकर अगली सुनवाई अब 25 अगस्त को होनी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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