आम कैदी की तरह बीती राठौड़ की रात
राठौड़ को चण्डीगढ़ की एक निचली अदालत ने मंगलवार को डेढ़ वर्ष जेल की सजा सुनाई थी।
बुड़ैल जेल के सहायक अधीक्षक अमनदीप सिंह ने बुधवार को आईएएनएस को बताया, "राठौड़ हमारे लिए आम कैदियों की ही तरह हैं। हमने उन्हें कोई वीआईपी सुविधा नहीं दी है। वह अपने निर्धारित स्थान पर सोए। उन्हें अन्य कैदियों की तरह ही सबके लिए बनने वाला भोजन दिया जा रहा है।"
राठौड़ को जेल की कोठरी में सात अन्य कैदियों के साथ रहना पड़ रहा है। खास बात यह है कि उनमें से अधिकांश सजायाफ्ता पुलिसवाले हैं।
राठौड़ को मंगलवार दोपहर को गिरफ्तार करके बुड़ैल जेल लाया गया था। जेल पहुंचने से पहले उसका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। उसकी पत्नी और जानी-मानी वकील आभा राठौड़ उससे मिलने जेल पहुंचीं लेकिन उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली।
इजाजत नहीं मिलने पर आभा ने सुरक्षाकर्मियों को कुछ दवाइयां, कपड़े और स्वास्थ्य संबंधी कागजात सौंपे। इसे लेकर एक अन्य सहायक अधीक्षक प्रमोद खत्री ने कहा, "आमतौर पर हम किसी को कैदियों से मिलने से नहीं रोकते लेकिन आभा चूंकी शाम 5.30 बजे पहुंची थीं, लिहाजा उन्हें पति से मिलने की इजाजत नहीं मिली। अगर वह अगले दिन आती हैं तो उन्हें राठौड़ से जरूर मिलने दिया जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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