पड़ोसी राज्यों के कारण बंगाल में नक्सल समस्या : बुद्धदेव
बुद्धदेव ने बांग्ला भाषा के समाचार चैनल '24 घंटा' से बातचीत में कहा, "हमारे लिए अपने राज्य में नक्सली हिंसा पर पूरी तरह काबू पाना तब तक संभव नहीं है जब तक कि झारखण्ड और उड़ीसा में भी इसी प्रकार के अभियान नहीं चलाए जाते।"
नक्सली हिंसा रोकने के लिए सेना के इस्तेमाल के बारे में पूछ जाने पर भट्टाचार्य ने कहा, "नक्सलियों को रोकने के लिए मुझे सेना की जरूरत नहीं है। हमारे लोग पहले से ही इस काम में लगे हैं।"
उन्होंने कहा, "एक बात मैं जरूर कह सकता हूं कि यदि हमारे राज्य की सीमाएं झारखण्ड और उड़ीसा से नहीं लगी होती तो हमारे यहां नक्सली समस्या नहीं पनपती।"
नक्सलियों के खिलाफ लोगों को लामबंद करने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के लिए विशेष ध्यान दे रही है। "हम जन वितरण प्रणाली, पेयजल की सुविधा और स्कूलों की स्थापना करने पर जोर दे रहे हैं।"
भट्टाचार्य ने कहा, "सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन भी नक्सली समस्या का एक कारण है लेकिन मैं समझता हूं कि नक्सलियों ने इस क्षेत्र को इसलिए चुना है कि क्योंकि भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र उनके लिए उपयुक्त है।"
यह पूछे जाने पर कि क्या वामपंथी दल राज्य में अपना आधार खोते जा रहे हैं, इसके जवाब में उन्होंने कहा, "हम इसकी समीक्षा कर रहे हैं।"
अल्पसंख्यकों के पार्टी से हो रहे मोहभंग के बारे में उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें पंचायत स्तर पर और सक्रिय होने की जरूरत है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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