6 साल पहले भी भगदड़ में गई थी 5 की जान
इसी घटना के सामान ही वह त्रासदी तब हुई थी जब स्टेशन अधिकारियों ने रेलगाड़ी के प्लेटफार्म बदलने की घोषण की थी। उस दौरान लोग छट्ट पूजा में घर जा रहे थे और घोषणा सुनते ही सभी अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए पैदल पुल से दौड़ना शुरू कर दिए थे।
उस दौरान भीड़ की धक्का मुक्की और एक दूसरे पर गिरने की वजह से चार महिलाओं सहित एक किशोरी की मौत हो गई थी।
इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के बाद ऐसी घटना दोबरा न हो इसके लिए कई उपाय करने के आदेश दिए गए थे।
इन उपायों में रेलगाड़ी के रवाना होने के अंतिम समय में प्लेटफार्म बदलने की घोषणा न करना भी शामिल था।
इसके अलावा प्लेटफार्म पर मौजूद भीड़ पर निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे और ट्रेनों की आवाजाही पर नजर रखने के लिहाज से कई नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए गए थे।
स्टेशन पर अधिक भीड़भाड़ न हो इसके लिए यात्रा न करने वाले लोगों को प्लेटफार्म टिकट जारी नहीं करने की व्यवस्था भी की गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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