मुजफ्फरनगर : अजीत और उसके घरवालों पर मुकदमा दर्ज
उल्लेखनीय है कि इज्जत के नाम पर हत्या का ये मामला पूरी तरह से धोखाधड़ी के मामले में बदल गया है। पुलिस की भूमिका पूरे मसले में संदिग्ध रही है। क्योंकि पुलिस के मुताबिक उसने अजीत का हाथ-पैर कटा शव भी बरामद कर लिया था। नई मंडी इलाके में पुलिस ने पिछली 6 मई को एक शव बरामद किया था। अजीत के घरवालों ने इस शव की शिनाख्त भी कर ली थी।
अनुज पर कोई कार्यवाही नहीं
अब पुलिस इस बात की खोजबीन में लगी है कि बरामद शव किसका था? पुलिस ने शव की गलत शिनाख्त करके पुलिस की जांच को गुमराह करने के आरोप में अजित के पिता ओमवीर और चाचा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला भी मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस अधिकारी पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। गौरतलब है कि, अजीत के परिजनों की शिकायत पर लड़की के पिता और भाई अनुज को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में अनुज ने मीडिया के सामने खुले तौर पर स्वीकार किया था कि उसने परिवार की इज्जत बचाने के लिए अजित को काट-काट कर मार डाला।
पुलिस की भूमिका संदिग्ध
अब सवाल ये उठता है कि अजीत के घरवालों पर तो धोखाधड़ी का मामला दर्ज हो गया और साथ ही लड़की भगाने का मामला भी अजीत पर दर्ज कर लिया गया। लेकिन मामले का सबसे गंभीर पहलू अनुज द्वारा सबके सामने अजीत की हत्या की बात स्वीकार किया जाना है फिर अब तक अनुज के ऊपर कोई मुकदमा दायर क्यों नहीं किया गया और उसे गिरफ्तार क्यों न हीं किया गया? अनुज के ऊपर किसी तरह की कार्यवाही से बच रही पुलिस की भूमिका एक बार फिर संदिग्ध हो उठी है। क्या ये अनुज और पुलिस द्वारा मीडिया के सामने रचा गया एक नाटक था? क्या मीडिया में गलतबयानी के जरिये पुलिस और अनुज कोई बात छिपाना चाहते थे?













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