ब्रिटिश चुनाव में चमके भारतीय उम्मीदवार (लीड-1)
भारतीय मूल के जिन उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है उनमें कीथ वैज, वीरेंद्र शर्मा और मार्शा सिंह जैसे नाम हैं। हारने वाले भारतीय उम्मीदवारों में ढांडा और प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन को 'सबसे खराब प्रधानमंत्री' करार देने वाले मनीष सूद प्रमुख हैं।
भारतीय मूल के सांसद कीथ वैज लीसेस्टर ईस्ट संसदीय सीट से निर्वाचित घोषित किए गए हैं। सत्ताधारी लेबर पार्टी के उम्मीदवार वैज ने कंजरवेटिव पार्टी के जेन हान्ट और लिरबल डेमोक्रेटिक पार्टी के अली असगर को पराजित किया। वैज ने कुल 53.8 फीसदी मत हासिल किए। उनके चुनाव प्रचार में अभिनेता संजय दत्त ने हिस्सा लिया था।
वैज गोवा मूल के हैं। उनका पूरा परिवार वर्ष 1965 में यमन से ब्रिटेन आ गया था। वह मौजूदा सीट से वर्ष 1987 से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। उन्हें 26 जुलाई, 2007 को गृह मामलों की चयन समिति का प्रमुख चुना गया था। यह समिति काफी प्रभावशाली मानी जाती है।
लेबर पार्टी के एक अन्य भारतीय मूल के उम्मीदवार वीरेंद्र शर्मा एलिंग साउथहॉल सीट से निर्वाचित घोषित किए गए। शर्मा को कुल 22,024 मत मिले। उनके प्रतिद्वंद्वी गुरचरण सिंह को 12,733 मत हासिल हुए। लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के निगेल बखाई तीसरे स्थान पर रहे। बीबीसी के अनुसार इस सीट पर भारतीय मूल के कुछ अन्य उम्मीदवारों को भी हार का सामना करना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि एलिंग साउथहॉल सीट से शर्मा 19 जुलाई, 2007 को हुए उपचुनाव में पहली बार जीते थे। इस सीट पर लेबर सांसद पियारा खाबरा के निधन के बाद उपचुनाव हुआ था।
भारत में पैदा हुए शर्मा अंग्रेजी के अलावा फर्राटेदार पंजाबी, ऊर्दू और हिंदी भी बोल लेते हैं। वह 1968 में भारत से ब्रिटेन आए थे और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर बस कंडक्टर की थी।
इनके अलावा लेबर पार्टी के ही टिकट पर भारतीय मूल के मार्शा सिंह ब्रैडफोर्ड वेस्ट से चुनाव जीत गए। सिंह को कुल 18,401 मत मिले जबकि उनके मुख्य प्रतिस्पर्धी कंजरवेटिव उम्मीदवार को जाहिद इकबाल को 12,638 मत हासिल हुए। यहां लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी डेविड हॉल मैक्यूज तीसरे स्थान पर रहे।
उधर, ग्लाउस्टर संसदीय सीट से ढांडा इस बार चुनाव हार गए। उन्हें कंजरवेटिव उम्मीदवार रिचर्ड ग्राहम ने मात दी। ग्राहम को 20,267 और ढांडा को 17,847 मत मिले। लिबरल डेमोक्रेट प्रत्याशी जेरेमी हिल्टन 9,767 मत पाकर तीसरे स्थान पर काबिज रहे। ढांडा इस सीट से दो बार, वर्ष 2001 और 2005 में निर्वाचित हुए थे।
हारने वालों दूसरा प्रमुख भारतीय नाम सूद का रहा। सूद नोरफोक नॉथ वेस्ट सीट से लेबर पार्टी के उम्मीदवार थे। उन्हें कंजरवेटिव उम्मीदवार हेनरी बिलिंघम ने भारी अंतर से हराया। बीबीसी के अनुसार सूद को कुल 6,353 मत मिले जबकि बिलिंघम 25,916 मत पाकर निर्वाचित घोषित किए गए।
सूद ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था, "यहां आव्रजन काफी बढ़ चुका है जिससे विभिन्न समुदायों के बीच विवाद पैदा हो रहा है। मंत्रियों की भूमिका नौकरशाहों की हो गई लेकिन उनके काम का स्तर काफी नीचे चला गया है।"
उन्होंने कहा था, "लेबर पार्टी के लिए बुनियादी समस्या सामाजिक मूल्यों को गवांने की है। मेरा मानना है कि ब्राउन अब तक सबसे खराब प्रधानमंत्री रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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