खर्च कटौती के प्रस्ताव के खिलाफ ग्रीस में हड़ताल
समाचार एजेंसी डीएपी के मुताबिक ग्रीस (एथेंस) को यूरोपीय संघ और आईएमएफ से 120 अरब यूरो (160 अरब डॉलर) की आर्थिक सहायता के बदले में यूरोपीय देशों ने ग्रीस से अपने सरकारी बजट व्यय में भारी कटौती की मांग की है।
रविवार को यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के वित्तमंत्री ग्रीस के ऋण संकट पर विचार करेंगे।
जानकारों का मानना है कि यूरोपीय देशों को वर्तमान आर्थिक संकट से निकालने के लिए समझौते के प्रस्ताव पर्याप्त हैं लेकिन ग्रीस में बढ़ रहे जन आक्रोश से निकट भविष्य में स्थितियां उथल-पुथल भरी रह सकती हैं।
सरकारी सेवाओं में कमी की मांग के विरोध में शनिवार ग्रीस में हजारों लोगों ने हड़ताल की। हड़ताल के चलते देश के द्वीपों और मुख्य भूमि के रेलमार्ग के बीच संपर्क पूरी तरह से बाधित हो गया है।
दुकानें पूरे दिन के लिए बंद कर दी गई हैं और चिकत्सकों के भी हड़ताल पर रहने से अस्पतालों में केवल आपातकालीन सेवाएं ही चल रही हैं।
कर्मचारी संघों के नेताओं का कहना है कि ईयू और आईएमएफ ने वेतन में दो महीने के वेतन और भत्तों के बराबर की भारी कमी करने, तीन साल तक वेतन में बढ़ोतरी न करने, मूल्य वर्धित कर को 21 से बढ़ाकर 23 फीसदी करने, सेवानिवृत्ति की आयु 62 से 67 साल करने और सरकारी क्षेत्र में नौकरियों पर रोक लगाने की शर्ते रखी हैं।
ग्रीस के प्रधानमंत्री जॉर्ज पापांद्रू ने शुक्रवार को कहा कि यह कष्टदायक कटौतियां हमारे देश के संरक्षण, सुनिश्चित भविष्य और आत्मनिर्भर बने रहने के लिए जरूरी हैं।
एथेंस को अपने कर्ज के पुर्नगठन की अंतिम तारीख 19 मई तक मदद मिलना जरूरी है वरना कर्ज न चुका पाने की स्थिति में एथेंस के साथ-साथ पुर्तगाल और स्पेन जैसे यूरोपीय संघ के अन्य सदस्य भी भारी घाटे की चपेट में आ सकते हैं।
कर्मचारी संघों ने बजट कटौती के प्रस्ताव के खिलाफ 5 मई से हड़ताल का दूसरा दौर शुरू करने की घोषणा की है। उनका कहना है कि प्रस्ताव की ज्यादातर कटौतियां केवल मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों पर लागू की जा रही हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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