केंद्रीय स्कूलों में सांसद कोटा नहीं बहाल होगा : कपिल सिब्बल

लेकिन सिब्बल ने भी इस मसले पर सख्त रवैया अपनाते हुए सांसदों को याद दिलाया कि ये वय्कूल केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों के लिए खोले गए थे जिनका समय-समय पर ट्रांसफर होता रहता है। शायद ये बात कह कर सिब्बल सांसदों को नसाहत देना चाहते थे इन विद्यालयों मेंआखिर सांसद कोटा का मतलब ही क्या है?
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मंत्री जी ने अपनी बाद उदाहरणों सहित रखी कि किस तरह से ये कोटा स्कूलों में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का कारण बन रहा है। कुछ मंत्रियों के हस्तक्षेप से बड़ी मुश्किल से सांसदों को शांत किया जा सका । उत्तर प्रदेश के सांसद सबसे अधिक आक्रोशित थे।
उल्लेखनीय है कि एमडीए सरकार के शासमकाल में सांसदों को केंद्रीय विद्यालयों में 2 छात्रों का प्रवेश कराने का कोटा दिया गया था। अनियमितताओं की बढ़ती शिकायतों के चलते हाल ही में इस कोटे को सिब्बल ने समाप्त कर दिया है। उन्होने कहा कि ये विद्यालय केंद्रीय कर्मचारियों, राट्य कर्मचारियों और पब्लिक सेक्टर में काम करने वालों के बच्चों के लिए बनाये गए हैं। कई बार हमें शिकायतें मिली हैं कि इस कोटे के चलते निजी क्षेत्रों में काम करने वालों के बच्चों को भी प्रवेश दे दिया जाता है। ये इस कोटे का दुरुपयोग है जिसके चलते हमने इस कोटे को खत्म करने का निर्णय लिया।












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