उड़ानों के लिए यूरोप में आसमान खुला (लीड-1)
हैम्बर्ग, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। ब्रिटेन और जर्मनी सहित यूरोप के ज्यादातर हवाई अड्डों से बुधवार को विमानों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई। आइसलैंड में ज्वालामुखी में विस्फोट से उड़ाने वाली राख के चलते करीब एक सप्ताह तक यूरोप के ज्यादातर हिस्सों में हवाई क्षेत्र बंद रहे।
ब्रिटेन के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार खतरे की दोबारा समीक्षा करके उड़ानों पर से प्रतिबंध हटाया गया है लेकिन अब भी कुछ ऐसे हवाई क्षेत्र हैं जहां राख का स्तर उड़ानों के लिए खतरनाक हो सकता है।
उड्डयन कंपनी ब्रिटिश एयरवेज ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि लंदन के हीथ्रो और गैटविक हवाई अड्डों से घरेलू उड़ानों को संचालित करने की उसकी योजना है।
जर्मनी के चार हवाई अड्डों ब्रेमेन, हैम्बर्ग, बर्लिन-टेगेल और बर्लिन-स्कॉनफेल्ड से विमानों के उड़ान पर लगा प्रतिबंध हटा लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि बुधवार शाम तक जर्मनी के सभी हवाई अड्डों से उड़ानों का संचालन शुरू हो जाने की पूरी संभावना है।
ऑस्ट्रेलिया की क्वांटास एयरवेज के अनुसार इस आपदा के चलते करीब 15,000 हजार यात्री तय समय से यात्रा नहीं कर सके। इन टिकटधारियों को गंतव्य तक पहुंचाने में कुछ सप्ताह लग जाएंगे।
डेनमार्क में भी बुधवार सुबह उड़ानों का संचालन शुरू हो गया।
विभिन्न देशों ने अपनी हवाई सेवाएं इसलिए रोक दी थी क्योंकि उड़ने वाली राख के एक शीशे के समान पदार्थ में तब्दील होकर विमानों के इंजन में घुसने का खतरा था जो उसे नुकसान पहुंचा सकता था।
ज्यादातर देशों ने मंगलवार को उड़ानों पर से प्रतिबंध हटा लिया था। इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में एक ब्रिटेन में मंगलवार रात से हवाई क्षेत्र दोबारा खोला गया।
थाई एयरवेज इंटरनेशनल ने ज्यूरिख , स्विट्जरलैंड सहित यूरोप के कई मार्गो की उड़ानों का दोबारा संचालन शुरू कर दिया है।
यूरोप के हवाई सुरक्षा प्राधिकरण, यूरोकंट्रोल, के अनुसार यूरोप का तीन चौथाई हवाई क्षेत्र मंगलवार को दोबारा खोल दिया गया। विभिन्न उड़ानें दुनिया भर में फंसे हजारों यात्रियों को उनके गंतव्य पर पहुंचाने में जुटी हुई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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