कनाडा में बढ़ते खालिस्तानी गुटों पर भारत को चेतावनी
वेंकूवर, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। कनाडा के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री उज्जल दोसांझ ने सरे शहर में वार्षिक बैसाखी परेड में शामिल नहीं होने की धमकी मिलने के बाद कनाडा में खालिस्तानी तत्वों द्वारा पैदा खतरे के प्रति भारत को सजग होने को कहा है।
दोसांझ ने आईएएनएस से कहा, "भारत को चिंतित होने की जरूरत है कि कनाडा में खालिस्तानी तत्व कैसे बढ़ रहे हैं। इस संदर्भ में कनाडा के नेताओं को भी चिंतित होने की आवश्यकता है।"
उन्होंने कहा कि भारत को इसलिए सजग हो जाना चाहिए क्योंकि खालिस्तानी तत्व यहां दूसरी और तीसरी पीढ़ी के भारतीयों के दिमाग में जहर घोल रहे हैं जो भारत और उसकी बहुसांस्कृतिक विरासत के बारे में अधिक नहीं जानते।
सरे की वार्षिक बैसाखी परेड के आयोजकों ने दोसांझ से कहा कि यदि वह समारोह में आए तो अपनी सुरक्षा के स्वयं जिम्मेदार होंगे।
उन्होंने खालिस्तान समर्थक झंडे, बैनर और सिख शहीदों के चित्र भी समारोह के दौरान प्रदर्शित करने की घोषणा की।
एक पंजाबी रेडियो कार्यक्रम में परेड के आयोजकों में से एक इंद्रजीत सिंह बैंस ने कहा कि दोसांझ और स्थानीय विधायक डेव हेयर को परेड में नहीं बुलाया गया है।
एयर इंडिया के कनिष्क विमान बम विस्फोट मामले में गवाही देने से रोकने के लिए हेयर के पत्रकार पिता तारा सिंह की खालिस्तानी तत्वों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
खालिस्तानी तत्वों का विरोध करने के बाद 1980 के दशक में दोसांझ को कई बार लोहे की छड़ों से पीटा गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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