अवैध खनन रोकने में मदद चाहता है उड़ीसा
भुवनेश्वर/रांची, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। उड़ीसा ने अवैध खनन रोकने के लिए पड़ोसी राज्यों से सहयोग की मांग की है और इससे निपटने के लिए झारखण्ड के साथ एक संयुक्त कार्यबल गठित करने का प्रस्ताव रखा है।
उड़ीसा के इस्पात एवं खान मंत्री रघुनाथ मोहंती ने गुरुवार को आईएएनएस से कहा, "सभी खनिज संपन्न राज्यों में अवैध खनन जारी है। इन सभी राज्यों को इसे रोकने के लिए संयुक्त प्रयास करना चाहिए।"
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पिछले महीने झारखण्ड के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को एक संयुक्त कार्यबल गठित करने के लिए लिखा था। इस कार्यबल में दोनों राज्यों के अधिकारियों को शामिल करने की बात कही गई थी।
मोहंती ने कहा, "झारखण्ड के मुख्यमंत्री इस प्रस्ताव के लिए सहमत हैं। हम जल्दी ही एक कार्यबल गठित करने जा रहे हैं।"
रांची में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि झारखण्ड भी अवैध खनन का शिकार है और वह उड़ीसा के साथ संयुक्त कार्रवाई शुरू करने को तैयार है।
झारखण्ड के खान एवं भूविज्ञान सचिव एन. एन. सिन्हा ने आईएएनएस को बताया, "हमने अवैध खनन रोकने के लिए गठित होने वाले कार्यबल के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है।"
खान विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक अवैध खनन से झारखण्ड को हर साल 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होता है। राज्य के कोलहन क्षेत्र में लौह अयस्क की बड़े पैमाने पर तस्करी होती है।
मोहंती ने कहा कि उड़ीसा सरकार को छत्तीसगढ़ की भी मदद मिल सकती है।
उड़ीसा से अयस्क आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड और पश्चिम बंगाल जाते हैं।
राज्य की 160 से ज्यादा खानों में खनन पर रोक लगा दी गई है। यहां वैधानिक मंजूरी के बिना अवैध खनन चल रहा था। अवैध खनन से जुड़े कम से कम 100 लोगों की गिरफ्तारियां हुई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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