माकपा ने की अधिक स्वायत्त निकायों की मांग
माकपा ने कहा कि त्रिपुरा लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का एक मॉडल है। पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य बिजॉन धर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि पिछड़े इलाकों में जनजातीय और गैर जनजातीय लोगों के लिए संवैधानिक स्वायत्त निकाय की स्थापना की जाती है तो इन इलाकों में अलगाव की मांग कम होगी।
धर ने कहा, "जब संवैधानिक स्वायत्त परिषद का गठन होगा तो स्थानीय लोग विकास प्रक्रिया में शामिल होंगे और खुद की देखरेख करेंगे। इसके लिए केंद्र और संबंधित राज्यों को स्थानीय निकायों को और अधिक कोष आवंटित करना होगा।"
माकपा ने पूर्वोत्तर में जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए और स्वायत्ता की मांग की। इन राज्यों में 16 स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) हैं, जिसमें छह मणिपुर में, तीन-तीन मेघालय व मिजोरम में और एक त्रिपुरा में है।
धर ने कहा, "जरूरत पड़ने पर नए स्वायत्त निकायों के गठन और मौजूदा एडीसी को और स्वायत्ता मुहैया कराने के लिए संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि जनजातियों के बीच लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के मामले में त्रिपुरा देश भर के लिए मॉडल है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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