नेपाल पासपोर्ट मामले का राजनीतिकरण खेदजनक : भारत
काठमांडू, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाली पासपोर्ट की छपाई के लिए भारत के साथ हुए करार को नेपाल सरकार द्वारा रद्द किए जाने के दो दिनों बाद भारत की ओर से मंगलवार को कहा गया है कि यह खेदजनक है कि नेपाल में यह मामला राजनीतिक रंग ले लिया और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से गोपनीय संपर्क लीक हो गया।
भारतीय दूतावास द्वारा काठमांडू में जारी एक बयान में कहा गया है, "भारत सरकार भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देशों के बीच के रिश्ते समयसिद्ध हैं।"
बयान में कहा गया है कि भारत मशीन द्वारा जांच किए जा सकने वाली लगभग 40 लाख पासपोर्ट पुस्तिकाएं अपने सरकारी उपक्रम, सिक्युरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसपीएमसीआईएल) के जरिए रियायती दर पर आपूर्ति करने को तैयार था। भारत इस काम के लिए सद्भावनावश और दोनों देशों के बीच मित्रवत रिश्ते को ध्यान में रखते हुए राजी हुआ था।
बयान में कहा गया है कि आपसी सहयोग की भावना के कारण भारत काठमांडू स्थित केंद्रीय पासपोर्ट कार्यालय में लागत मूल्य पर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर उपकरणों की आपूर्ति करने और उन्हें स्थापित करने तथा नए पासपोर्ट जारी करने के लिए नेपाली अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए भी राजी हो गया था।
बयान में कहा गया है, "यह एक खेदजनक मामला है, क्योंकि नेपाल में इसे राजनीतिक रंग दे दिया गया और दूतावास के साथ हुए गोपनीय संपर्क को सार्वजनिक कर दिया गया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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