ओबामा ने मनमोहन को समर्थन का वादा किया (लीड-3)
मनीष चांद और अरुण कुमार
वाशिंगटन, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा है कि सीमा पार आतंकवाद पर उनका देश पाकिस्तान से बात कर रहा है और भारतीय शहरों पर आतंकवादी संगठनों के हमलों की साजिशों पर भारत की चिंता को वह समझता है।
विदेश सचिव निरुपमा राव के अनुसार ओबामा ने पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से पूछताछ के भारतीय आग्रह पर भी पूरे सहयोग का विश्वास दिलाया। हेडली इन दिनों अमेरिकी हिरासत में है।
राष्ट्रपति के अतिथि गृह ब्लेयर हाउस में रविवार को चली करीब 50 मिनट की बैठक में प्रधानमंत्री सिंह ने आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए अमेरिका का समर्थन मांगा।
राव के अनुसार प्रधानमंत्री ने ओबामा से कहा, "हमारे क्षेत्र में आतंकवाद का खतरा है और अगर यह जारी रहता है तो हमारी प्रगति पर इसका असर पड़ सकता है। इस खतरे से कैसे निपटा जाता है, इस पर दक्षिण एशिया का भविष्य निर्भर करेगा।"
सिंह ने ओबामा से कहा कि दोनों देशों के सामने आतंकवाद का समान खतरा है। दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान और ईरान से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की।
ओबामा ने भारत को भरोसा दिलाया कि अमेरिका सीमा पार आतंकवाद और इससे जुड़ी भारत की चिंताओं पर पाकिस्तान से बात कर रहा है।
व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ओबामा ने अफगानिस्तान में भारत की नियमित मानवीय और विकास गतिविधियों का स्वागत किया। राव ने जोर दिया कि अफगानिस्तान में भारतीय भूमिका पर वाशिंगटन और नई दिल्ली में कोई मतभेद नहीं है।
प्रधानमंत्री ने ओबामा को बताया कि पाकिस्तान मुंबई हमले के गुनाहगारों को सजा दिलाने का जरा भी इच्छुक नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान की धरती से पनपने वाले आतंकवाद से निपटने की बात भी कही।
ओबामा ने प्रधानमंत्री सिंह को भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान से गतिविधियां चलाने वाले आतंकवादी संगठन लश्कर-तैयबा से जुड़े हेडली से पूछताछ के लिए भारत के आग्रह का पूरा समर्थन करते हैं।
ओबामा ने हेडली मसले पर सकारात्मक भरोसा दिलाया हालांकि उन्होंने इस बात के संकेत दिए कि कानूनी प्रक्रिया की वजह से पूछताछ में अभी वक्त लग सकता है।
राव ने बताया, "हेडली से पूछताछ की हमारी मांग के प्रति अमेरिकी का रुख पूरी तरह सहयोगात्मक है। कानूनी प्रक्रिया के तहत अमेरिकी इस संबंध में कार्रवाई कर रहे हैं।"
हेडली मुंबई हमलों का प्रमुख आरोपी है और वह इस बारे में अपने गुनाह अमेरिकी अदालत के समक्ष स्वीकार कर चुका है।
वार्ता में शरीक हुए भारत के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, विदेश सचिव निरूपमा राव, अमेरिका में भारत की राजदूत मीरा शंकर और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
अमेरिकी शिष्टमंडल में विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेम्स जोन्स, दक्षिण एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लेक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
ओबामा ने सिंह से मुलाकात के दौरान यह भी कहा कि अमेरिका पाकिस्तान की मिलने वाली सैन्य मदद की कड़ाई से निगरानी करेगा।
राव के मुताबिक ओबामा ने प्रधानमंत्री सिंह से कहा, "पाकिस्तानी को दी जानी सैन्य सहायता की निगरानी की जा रही है और भारत के हित के मद्देनजर इस पर निगरानी जारी रहेगी।"
परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर हुई इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी चर्चा की। ईरान पर नए सिरे से प्रतिबंधों को लगाने पर ओबामा ने भारत के सहयोग लेने की कोशिश की।
इस मसले पर प्रधानमंत्री ने संतुलित रुख दिखाते हुए कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है लेकिन इसका हल वार्ता और कूटनीति के जरिए होना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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