बाल अधिकार पैनल आरटीई कानून की निगरानी करेगा
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने गुरुवार को शिक्षा के अधिकार (आरटीई)कानून को लागू किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि वह इसके सफलतापूर्वक क्रियान्वयन की निगरानी करने की जिम्मेदारी संभालने को तैयार है।
इस कानून के जरिये छह से 14 वर्ष आयु समूह के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराया जाएगा और इसका मुख्य जोर 81 लाख बच्चों को कक्षाओं में वापस लौटाना है।
एनसीपीसीआर का एक विशेष विभाग कानून के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि एनसीपीसीआर कानून के औपचारिक रूप से अधिसूचित किए जाने का स्वागत करता है और इसे सफलतापूर्वक क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का इच्छुक है। आने वाले दिनों में एनसीपीसीआर का एक विशेष विभाग इस जिम्मेदारी को स्वीकार करेगा।
बयान में कहा गया कि इसके लिए एक विशेष टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर स्थापित किया जाएगा, जो इस संबंध में शिकायतें दर्ज करेगा।
बयान में नागरिक समुदाय, छात्रों, शिक्षकों, प्रशासकों, कलाकारों, लेखकों, सरकारी कर्मचारियों, विधायकों, न्यायपालिका के सदस्यों और अन्य लोगों से एक आंदोलन चलाने का आग्रह किया गया है, जिससे देश के बच्चे स्कूलों में जाएं और आठ वर्ष तक गुणवत्तायुक्त शिक्षा हासिल कर सकें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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