चीन और ईरान में परमाणु वार्ता
ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने जानकारी दी है कि जलीली को चीन के सभासद दाये बिंग्गाओ ने आमंत्रित किया है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत सुजान राइस ने बुधवार को कहा कि चीन ईरान के खिलाफ संभावित प्रतिबंधों के लिए सुरक्षा परिषद के अन्य स्थायी सदस्यों के साथ न्यूयार्क में विचार-विमर्श करने को राजी हो गया है।
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का मानना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिशों में जुटा है जबकि ईरान सरकार का कहना है कि उसके परमाणु कार्यक्रम का उद्देश्य शांतिपूर्ण है। उधर, राइस का कहना है, "सभी सबूत इस ओर इशारा करते हैं कि उसका कार्यक्रम वैसा नहीं है, जैसा बताया जा रहा है, इसमें कुछ सैन्य आशय भी है।"
चीन ने विचार-विमर्श की यह इच्छा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी द्वारा संयुक्त रूप से किए गए ईरान के खिलाफ प्रतिबंध लगाने के आह्वान के एक दिन बाद जाहिर की है। ओबामा चाहते हैं कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए महीनों के बजाए कुछ ही हफ्तों में नए प्रतिबंध लगाए जाएं।
सरकोजी के साथ मंगलवार को हुई बातचीत के बाद ओबामा ने ईरान पर जल्द प्रतिबंध लगाने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में फ्रांस सहित अन्य देशों के साथ बातचीत जारी है। ओबामा ने स्वीकार किया कि कुछ देश ईरान के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों के लिए सहमत नहीं है लेकिन सुरक्षा परिषद को अतिरिक्त उपायों के लिए राजी करने की कोशिश जारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications