पुन:प्रसंस्करण समझौता प्रगाढ़ रिश्तों का संकेत : अमेरिका

वाशिंगटन, 30 मार्च (आईएएनएस)। भारत के साथ परमाणु ईंधन पुन:प्रसंस्करण समझौते के सफलतापूर्वक संपन्न होने की सराहना करते हुए अमेरिका ने कहा है कि इससे दोनों देशों के बीच ज्यादा व्यापक, प्रगाढ़ और विस्तृत होते संबंधों की झलक मिलती है।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता फिलिप जे. क्राउनी ने ऐतिहासिक भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते के क्रियान्वयन की दिशा में एक अन्य चरण पूरा होने के मौके पर सोमवार को संवाददाताओं से कहा, "मुझे लगता है कि यह हमारे प्रगाढ़ होते संबंधों का प्रतिबिंब है।"

उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि 1-2-3 समझौता अमेरिका और भारत दोनों के हित में है और इसका व्यापक असर भी है।" उन्होंने कहा कि समझौते के क्रियान्वयन के कुछ और कदम उठाने, कुछ ब्यौरे की जरूरत पड़ती है।

क्राउली ने कहा किसी भी समय आप किसी समझौते पर ही नहीं पहुंचेंगे बल्कि उसे लागू होता भी देखेंगे, जो दोनों पक्षों में भरोसा जगाता है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह हमारे देशों के बीच ज्यादा व्यापक, गहरे और विस्तृत संबंधों की झलक दिखाता है।"

यह पूछने पर कि पुन:प्रसंस्करण अधिकारों के निलंबन की समस्या से दोनों पक्षों ने कैसे निपटा, क्राउली ने कहा कि शानदार कूटनीति के अलावा और किसी तरीके से ऐसी अड़चनों से नहीं निपटा जा सकता। उन्होंने कहा, "हम समझौते के आगे बढ़ने से संतुष्ट हैं लेकिन जहां तक विवरण का सवाल है, मैं उन लोगों पर छोड़ना बेहतर समझूंगा जो मुझसे ज्यादा जानकारी रखते हैं।"

यह पूछने पर कि क्या अमेरिका दक्षिण कोरिया को भी भारत की तरह खर्च हो चुके परमाणु ईंधन को पुन:प्रसंस्कृत करने की इजाजत देगा, क्राउनी ने कहा कि दक्षिण कोरिया परमाणु अप्रसार संधि का सदस्य है जिसका मतलब है कि संधि के तहत उसके अधिकार और दायित्व हैं।

हथियार नियंत्रण एवं अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए विदेश सहायक मंत्री एलेन टॉशेर ने भी इस करार की सराहना करते हुए कहा है कि अमेरिका 1-2-3 समझौते को आगे बढ़ते देख प्रसन्न है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+