सम्मान के नाम पर हत्या मामले में 5 को मृत्युदंड (लीड-2)
मई 2007 में 23 वर्षीय मनोज और 19 वर्षीय बबली ने अपने परिजनों की मर्जी के खिलाफ शादी कर ली थी। मनोज कैथल में एक इलेक्ट्रानिक्स की दुकान चलाता था जबकि बबली कारोरन गांव की रहने वाली थी। शादी के अगले महीने ही दोनों की हत्या कर दी गई।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने बबली के भाई सुरेश, चाचा राजिंदर और बारू राम, चचेरे भाई गुरदेव और सतिश को मृत्यदंड की सजा सुनाई। अदालत ने दंपति को अगवा करने वाले चालक मनदीप सिंह को सात साल की सुनाई।
अदालत ने खाप पंचायत के नेता गंगा राज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसे भी पिछले सप्ताह दोषी ठहराया गया था।
खाप पंचायत के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए न्यायाधीश ने कहा, "खाप स्वयं कानून बन गए हैं। उन्होंने संविधान का उपहास उड़ाया है।"
अदालत ने कहा कि खाप पंचायत द्वारा शादी को खारिज किए जाने के बाद बबली के रिश्तेदार और स्थानीय नेता गंगा राज ने कहा था कि युवक व युवती भाई-बहन के समान हैं।
परिवार और सामाजिक दबाव के चलते दोनों अपना घर छोड़कर कहीं चले गए थे।
बबली के रिश्तेदारों ने कुछ दिनों तक इस दंपति का पीछा किया। जून 2007 में करनाल जाने वाली एक बस से दंपति को खींच कर उनकी जघन्य तरीके से हत्या कर दी गई और शव को नहर में फेंक दिया गया।
अदालत ने सभी दोषियों को पीड़ित परिवार के करीबी को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने को कहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications