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रिलायंस की नजर अमेरिकी गैस कंपनी पर

By Staff
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समाचार पत्र 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने मामले से जुड़े कई लोगों के हवाले से कहा कि इस सौदे के तहत पिट्सबर्ग की एटलस एनर्जी इंक में हिस्सेदारी के लिए रिलायंस एक अरब डॉलर से डेढ़ अरब डॉलर के बीच की रकम अदा करेगी।

अखबार के अनुसार पश्चिमी वर्जीनिया से न्यूयार्क तक फैले 'मार्शेल्स शेल' नामक गैस क्षेत्र में करीब 584,000 एकड़ क्षेत्र की नियंत्रणकर्ता कंपनी एटलस से सौदा करके रिलायंस मार्शेल्स क्षेत्र में खरीद करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन जाएगी।

रिलायंस द्वारा खरीदे जाने वाली हिस्सेदारी के बारे में निश्चित तौर पर कुछ नहीं पता चला है लेकिन कहा जा रहा है कि एटलस 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी चाहती है। अखबार ने कहा कि एटलस और रिलायंस के बीच वार्ता जारी है और अभी सौदा तय नहीं हुआ है।

मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि इस सौदे के लिए रिलायंस के साथ ही सेम्प्रे एनर्जी जैसी अन्य कई कंपनियां भी सौदेबाजी कर रही हैं।

एटलस के एक प्रवक्ता ने अखबार से इस बात की पुष्टि की है कि कंपनी संयुक्त उद्यम की संभावना तलाश रही है लेकिन इस बारे में अन्य कोई ब्योरा नहीं दिया। रिलायंस के प्रवक्ता मनोज वारियर ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

समाचार-पत्र ने मुकेश अंबानी द्वारा संचालित रिलायंस द्वारा हाल के महीनों में उत्तरी अमेरिका में अधिग्रहण के कई प्रयासों का उल्लेख किया।

पिछले महीने रिलायंस ने कनाडा की तेल उत्पादक कंपनी वैल्यू क्रिएशन इंक. में हिस्सेदारी के लिए दो अरब डॉलर की बोली लगाई थी लेकिन अंत में वह ब्रिटिश ऊर्जा कंपनी 'बीपी पीएलसी' से पिछड़ गई।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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