गडकरी की टीम में वरिष्ठ नेताओं के साथ युवाओं को तरजीह (राउंडअप)
खास बात यह है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बार पार्टी के संसदीय बोर्ड में जगह नहीं मिल पाई है। इसके अलावा पार्टी संगठन में कर्नाटक से मात्र दो लोगों को ही स्थान मिल पाया है।
पार्टी की सर्वोच्च नीति नियामक इकाई संसदीय बोर्ड में मोदी को जगह न मिल पाना अपने आप में बड़ी खबर है। जबकि मोदी को गडकरी क करीबी माना जाता था और पिछले दिनों गडकरी ने मोदी की तारीफ में यहां तक कह डाला था कि उनमें प्रधानमंत्री बनने के गुण हैं।
बहरहाल, मोदी के बदले पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह को संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया है।
खास बात यह भी है कि कर्नाटक से मात्र दो लोगों को ही संगठन में जगह दिया गया है। अनंत कुमार को संसदीय बोर्ड में जगह देने के साथ ही महासचिव बनाया गया है और सी.एच.विजय शंकर को कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया है।
कर्नाटक एक ऐसा राज्य है, जिसके जरिए भाजपा देश के दक्षिणी हिस्से में अपने बलबूते सरकार बनाने में सफल हो पाई है। अपनी इस सफलता के जरिए वह दक्षिण में और विस्तार कर सकती थी, लेकिन कर्नाटक से मात्र दो नेताओं को पार्टी संगठन में जगह मिल पाने के कारण इस संभावना को धक्का लगा है।
अलबत्ता राजस्थान को संगठन में खासी तरजीह मिली है। राज्य विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा में 14 माह से चल रही गुटबाजी और उठापटक के बीच पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को महासचिव बनाया गया है, जबकि अन्य 10 नेताओं को भी गडकरी की टीम में स्थान दिया गया है।
देशभर को झकझोर देने वाले गुर्जर आंदोलन के अगुवा रहे गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला को भी राजे की सलाह पर गडकरी की टीम में अहमियत दी गई है। भाजपा बैंसला को गुर्जरों के राष्ट्रीय नेता के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है। उन्हें विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।
महिला मोर्चे की राष्ट्रीय अध्यक्ष रही किरण महेश्वरी को इस बार सचिव पद से नवाजा गया है। राजस्थान से राज्यसभा की सदस्य नजमा हेपतुल्ला को उपाध्यक्ष का पद दिया गया है। भाजपा से बाहर किए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को पार्टी ने अपने साथ बनाए रखा है। उन्हें कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
सांसद रामदास अग्रवाल को कोषाध्यक्ष पद से हटा कर कार्यकारिणी में स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में प्रदेश से अर्जुन मेघवाल, सुभाष महरिया, सुमन श्रृंगी, मानवेंद्र िंसंह और ओंकार सिंह लखावत को शामिल किया गया है। स्थायी सदस्य के रूप में विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता घनश्याम तिवाड़ी और विधायक गुलाबचंद कटारिया को लिया गया है।
गडकरी की नई टीम में कई नए व युवा चेहरों को भी स्थान दिया गया है। इसमें हेमा मालिनी, वसुंधरा राजे, नरेंद्र सिंह तोमर, नवजोत सिंह सिद्धू, वरुण गांधी, वाणी त्रिपाठी भी शामिल हैं।
बहरहाल गडकरी की टीम इस प्रकार है :-
उपाध्यक्ष : शांता कुमार, कलराज मिश्र, विनय कटियार, भगतसिंह कोश्यारी, मुख्तार अब्बास नकवी, करूणा शुक्ला, नजमा हेपतुल्लाह, हेमा मालिनी, विजोया चक्रवर्ती, पुरुषोत्तम रुपाला और किरण घई।
महासचिव : अनंत कुमार, थावरचंद गहलोत, वसुंधरा राजे, विजय गोयल, अर्जुन मुंडा, रविशंकर प्रसाद, धर्मेद्र प्रधान, नरेंद्र सिंह तोमर, जगत प्रकाश नड्डा, रामलाल (संगठन महामंत्री)।
संयुक्त महासचिव (संगठन): वी. सतीश, सौदान सिंह।
सचिव : संतोष गंगवार, स्मृति ईरानी, सरोज पांडेय, किरन माहेश्वरी, तापिर गाव, नवजोत सिंह सिद्धू, अशोक प्रधान, मुरलीधर राव, वरुण गांधी, किरीट सोमैया, डा. लक्ष्मण, कैप्टन अभिमन्यु, आरती मेहरा, भूपेंद्र यादव और वाणी त्रिपाठी।
कोषाध्यक्ष : पीयूष गोयल
प्रवक्ता : प्रकाश जावड़ेकर, राजीव प्रताप रुड़ी, शाहनवाज हुसैन, रामनाथ कोविंद, तरूण विजय और निर्मला सीतारमन।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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