पूर्व सैनिकों को पेंशन का तोहफा
नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। वर्ष 1986 और 1996 के बीच नियुक्त या सेवानिवृत्त हुए सशस्त्र बलों के कोई 30,000 से 40,000 अधिकारियों को उनके बकाए का भुगतान और पेंशन का तोहफा प्राप्त होगा। दरअसल, सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया था कि अधिकारियों के पेंशन की गलत गणना की गई थी।
केरल उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने इसकी फिर से गणना करने और उसे पहली जनवरी 1986 से जोड़ कर प्रदान करने का निर्देश दिया है। केरल उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि किसी अधिकारी के वेतन और पेंशन की गणना करते समय 'पद वेतनमान' को शामिल किया जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति मरक डेय काटजू और न्यायमूर्ति आर.एम.लोढा की खण्डपीठ ने कहा, "हम छह प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज के भुगतान का भी निर्देश देते हैं।" यह आदेश पिछले सप्ताह दिया गया था, लेकिन उसकी प्रति मंगलवार को उपलब्ध हो पाई है।
यह फैसला उन अधिकारियों पर लागू नहीं होगा जो 1996 के बाद नियुक्त या सेवानिवृत्त हुए हैं, क्योंकि वे पांचवें और छठें वेतन आयोग के दायरे में आते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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