विधानसभाओं में 8 फीसदी भी महिलाएं नहीं
राज्य विधानसभाओं की वेबसाइट्स से ज्ञात हुआ है कि 28 राज्य विधानसभाओं में केवल 311 महिला विधायक हैं। इस सूची में नागालैंड सबसे निचले पायदान पर है, यहां सदन के 60 विधायकों में एक भी महिला प्रतिनिधि नहीं है।
राजस्थान विधानसभा में महिला विधायकों का प्रतिशत सबसे ज्यादा (14.5) है। यहां चुने हुए 200 प्रतिनिधियों में से 29 महिलाएं हैं। आंध्र प्रदेश दूसरे स्थान पर है और यहां 294 विधायकों के सदन में 12 प्रतिशत से कुछ अधिक महिलाएं हैं। यहां 36 महिला विधायक हैं।
आंध्र प्रदेश के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में 11.5 प्रतिशत महिलाएं हैं। यहां 294 विधायकों में से 34 महिला विधायक हैं। साक्षरता दर में सबसे आगे रहने वाले केरल की विधानसभा में महिलाओं के प्रतिशत के मामले में पांचवा स्थान हैं। यहां 140 विधायकों के सदन में केवल सात महिलाएं हैं।
पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों की स्थिति नागालैंड से कुछ बेहतर है। मेघालय और मणिपुर में से प्रत्येक में केवल एक-एक महिला विधायक है।
दक्षिणी राज्य कर्नाटक में 225 विधायकों के सदन में केवल पांच महिलाएं हैं।
केवल आठ राज्यों में महिला विधायक 10 प्रतिशत से अधिक हैं। इन राज्यों में पश्चिम बंगाल, राजस्थान और आंध्र प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश (231 में से 26), छत्तीसगढ़ (90 में से 10), बिहार (243 में से 26), असम (126 में से 13) और हरियाणा (90 में से नौ) शामिल हैं।
दस राज्यों में केवल पांच प्रतिशत या इससे कम महिला विधायक हैं। कांग्रेसशासित महाराष्ट्र विधानसभा के 288 सदस्यों में से 10 महिलाएं हैं।
सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में 403 सदस्यों की विधानसभा में 27 महिलाएं हैं। यहां शून्य से 6.69 प्रतिशत कम महिला विधायक हैं।
गोवा में 40 सदस्यों वाली विधानसभा में केवल एक महिला है।
पंजाब में 117 विधायकों में से आठ महिलाएं हैं। झारखण्ड में 81 विधायकों के सदन में आठ महिला विधायक हैं। इस तरह यहां 9.87 प्रतिशत महिला विधायक हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications