औद्योगिक उत्पादन में जनवरी में 16.7 फीसदी की वृद्धि (लीड-1)
राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार देश में कारखानों का उत्पादन मापने के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में वित्तीय वर्ष 2009-10 के पहले 10 महीनों (अप्रैल से जनवरी) में 9.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष 2008-09 की इसी अवधि में आईआईपी में 3.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
दिसंबर 2009 में औद्योगिक उत्पादन में 16.8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी, जो उम्मीद से अधिक थी।
आईआईपी के बड़े हिस्से विनिर्माण क्षेत्र में जनवरी माह में 17.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले वर्ष जनवरी माह में इसमें केवल एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। खनन क्षेत्र में जनवरी में 14.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। एक वर्ष पहले इसी माह में खनन में केवल 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। जनवरी माह में ऊर्जा क्षेत्र में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
आंकड़ों के अनुसार टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में इस दौरान 31.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, जनवरी 2010 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि में सबसे ज्यादा भागीदारी विनिर्माण क्षेत्र की रही।
औद्योगिक विश्लेषकों का मानना है कि औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी को देखते हुए उद्योगों को मौद्रिक प्रोत्साहन देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) कर्ज नीति में नरमी ला सकता है, पिछले दिनों रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने इस आशय के संकेत भी दिए थे।
बनर्जी ने कहा कि इस समय यदि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जाती है तो इसका प्रतिकूल असर औद्योगिक उत्पादन पर दिखेगा क्योंकि इस वृद्धि में काफी बड़ा हिस्सा छोटे एवं मध्यम उद्योगों का है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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