लश्कर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता : अमेरिकी सांसद
वाशिंगटन, 12 मार्च (आईएएनएस)। मुंबई पर वर्ष 2008 के आतंकवादी हमलों के आरोपी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को उन्मादियों का खतरनाक संगठन करार देते हुए अमेरिका के एक सांसद ने सरकार से कहा है कि लश्कर को खत्म करने लिए वह पाकिस्तान पर दबाव डाले।
हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स की मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया की उप समिति के अध्यक्ष गैरी एकरमैन ने कहा कि उन्मादियों के इस समूह को समाप्त किए जाने की आवश्यकता है।
गुरुवार को लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान में इस्लामी आतंकवाद की बढ़ती महत्वाकांक्षा पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा, "आज और हर दिन हमें इस दिशा में आगे बढ़ना है। हम ऐसा नहीं कर रहे हैं और इस दिशा में एक प्रभावी वैश्विक प्रयास नहीं कर रहे। हमें इसके लिए पछताना होगा।"
मुंबई हमले के दौरान आतंकवादियों को उनके आकाओं से फोन पर मिल रहे निर्देशों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस खतरे को तुरंत ही बहुत गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। भारत सरकार ने मुंबई हमले के दौरान आतंकवादियों को मिल रहे निर्देशों को रिकार्ड कर उनको सार्वजनिक किया था।
एकरमैन ने कहा कि मुंबई हमला तो केवल एक झलक थी। मुख्य फिल्म तो अभी आनेवाली है।
उन्होंने कहा कि लश्कर उन्मादियों का एक खतरनाक, वित्तीय रूप से सक्षम आतंकवादी संगठन है और पाकिस्तान सेना से भी जुड़ा है।
डेमोक्रेट सांसद के अनुसार अमेरिका का मुख्य ध्यान जहां पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर अलकायदा और तालिबान पर है, वहीं लश्कर-ए-तैयबा और अन्य आतंकवादी संगठन अपनी क्षमता और महत्वाकांक्षा दोनों बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसका प्रदर्शन मुंबई पर नवंबर 2009 को हुए आतंकवादी हमलों के दौरान दिखाई दिया। लश्कर को केवल पाकिस्तान और मध्य पूर्व की समस्या मानना गलत होगा, क्योंकि मुंबई हमलों का एक मुख्य आरोपी पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी है। एकरमैन ने डेविड कोलमैन हेडली का सीधे नाम नहीं लिया।
पाकिस्तानी मूल के हेडली और पाकिस्तान में जन्मे कनाडाई नागरिक तथा शिकागो के व्यापारी तहव्वुर हुसैन राणा को पिछले वर्ष अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था और एक अदालत में मुंबई हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा को सहयोग देने के आरोप में उन पर मुकदमा चलाया जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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