रवि शंकर ने हुसैन की निंदा की
रवि शंकर ने एक बयान में कहा, "भारत में अभिव्यक्ति की आजादी की नीति है, लेकिन इस देश के नायकों की खुली बेइज्जती यहां का कोई भी व्यक्ति स्वीकार नहीं कर सकता। किसी व्यक्ति की रचनात्मकता के पीछे यदि इस तरह की धारणा है तो वह आपत्तिजनक है।"
बयान में कहा गया है, "हुसैन ने महात्मा गांधी, कार्ल मार्क्स, अल्बर्ट आइंस्टीन और हिटलर की अपनी एक पेटिंग्स में केवल हिटलर को नंगा बनाया और कहा कि किसी व्यक्ति का नंगा चित्र बनाना उसे बेइज्जत करने का उनका तरीका है।"
रवि शंकर ने बयान में कहा है, "अभी तक किसी ने भी राम और सीता का निर्वस्त्र चित्र नहीं बनाया है। रचनात्मक अभिव्यक्ति का हमेशा स्वागत है। भारत जितना कोई भी देश उदार नहीं है। वह किसी भी महिला का निर्वस्त्र चित्र बना सकते हैं लेकिन उसे सीता, लक्ष्मी और सरस्वती कहना उनके भीतर की घृणा और विकृति को जाहिर करता है।"
रवि शंकर ने कहा, "क्या एम.एफ.हुसैन इसी तरह की रचनात्मकता और भावना इस्लामी नायकों के साथ दिखाएंगे और उसके बाद भी वे अपनी कतर की नागरिकता बचाए रख पाएंगे? दोहरी मानसिकता, पक्षपात और घृणा विशिष्ट लोगों के लिए अच्छी बात नहीं होती।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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