विकास दर बढ़ने के साथ महंगाई गहराने के आसार
नई दिल्ली। लोकसभा में बजट सत्र के दौरान पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में अगले वित्त वर्ष के अनुमान लगाए गए हैं। अगले वित्त वर्ष में संभावित रूप से विकास की दर 8.25 फीसदी रहने की घोषणा की गयी है। इस बात की भी आशा जतायी जा रही है कि वर्ष 2015 तक विकास दर दहाई अंकों में पहुंच सकती है।
रेल बजट 2010 की एक झलक
लेकिन विकास दर के साथ-साथ आसमान छूती महंगाई पर बेहद चिंता व्यक्त की गई है। इसके अलावा राजकोषीय घाटे पर काबू पाने के लिए तुरंत कदम उठाने की भी बात कही गयी है। सर्वेक्षण में कहा गया है, "यह पूरी तरह संभव है कि देश की विकास दर दहाई अंक में पहुंच जाए। यहां तक की अगले चार वर्ष में इसके दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है।"
लोकसभा में सर्वेक्षण पेश करते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, "वर्तमान में आपूर्ति दबाव के कारण मुद्रास्फीति की दर में वृद्धि हुई है।"













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