आर्थिक समीक्षा : राज्यों को 1,13,601 करोड़ रुपये ऋण की मंजूरी
ऋण समेकन ने इन 26 राज्यों को बारहवें वित्त आयोग में अनुमानित क्रमश: 4562 करोड रुपये, 4256़ 8 करोड़ रुपये, 3937़ 8 करोड़ रुपये, 3492़ 7 करोड़ रुपये और 3000़16 करोड़ रुपये की तुलना में वर्ष 2005-06, 2006-07, 2007-08, 2008-09 और 2009-10 में क्रमश: 4392 करोड़ रुपये, 3995 करोड़ रुपये, 3903 करोड़ रुपये, 3452 करोड़ रुपये और 2945़7 करोड़ रुपये की ब्याज राहत दी है।
वित्तीय वर्ष 2009-10 में 31 दिसंबर, 2009 तक राज्यों को 2558 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
भारत के भुगतान संतुलन ने भयंकर बाह झटकों के बावजूद राजकोषीय वर्ष 2008-09 के दौरान पर्याप्त समुत्थानशीलता प्रदर्शित की। चालू खाता शेष (-) 2007-08 में (-) 1़3 प्रतिशत की तुलना में 2008-09 में जीडीपी का (-) 2़ 4 प्रतिशत धारणीय सीमाओं के भीतर बना रहा और 2007-08 में 106़6 बिलियन अमरीकी डॉलर के मुकाबले 2008-09 में निवल पूंजी प्रवाहों में 7़2 बिलियन अमरीकी डॉलर तक भारी गिरावट के बावजूद विदेशी मुद्रा भंडारों का सीमित उपयोग हुआ। राजकोषीय 2009-10 के संबंध में अद्यतन बीओपी आंकड़ों के अनुसार, निर्यात तथा आयात ने 2009-10 के अप्रैल-सितम्बर (पहली छमाही) के दौरान 2008-09 की पहली छमाही की तुलना में भारी गिरावट दर्ज की। 2008-09 की पहली छमाही की तुलना में 2009-10 की पहली छिमाही के दौरानी बीपीओ परिदृश्य में सुधार देखा गया जो उच्च निवल पूंजी अन्तप्र्रवाह तथा निम्न व्यापार घाटे में प्रतिलक्षित हुआ। तथापि, अदृश्य अधिशेष में गिरावट हुई और पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चालू खाता घाटे में पर्याप्त बढ़ोतरी हुई।
विदेशी मुद्रा भंडार में 31़5 अरब अमरीकी डालर की वृद्घि
सम्पूर्ण भुगतान संतुलन ने सुधार दर्शाया
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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